Pakistan Suicide Attack: पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, सेना के 13 जवानों की मौत, 10 घायल, 19 आम नागरिक भी जख्मी

Pakistan Suicide Attack

Pakistan Suicide Attack

इस्लामाबाद। Pakistan Suicide Attack: पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में हुए एक भीषण आत्मघाती हमले में पाकिस्तानी सेना को बड़ा नुकसान हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को सेना के काफिले से टकरा दिया, जिसके बाद जबरदस्त धमाका हुआ। इस धमाके में 13 जवानों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके साथ ही 19 आम नागरिक भी इस हमले में जख्मी हुए हैं।

विस्फोट से इलाके में भारी तबाही

स्थानीय प्रशासन और पुलिस के मुताबिक, आत्मघाती हमला इतना जबरदस्त था कि आस-पास के घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। दो मकानों की छतें गिर गईं, जिससे 6 बच्चे घायल हो गए। फिलहाल सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घायलों में कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी

अब तक इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर संदेह जताया जा रहा है। यह इलाका पहले भी कई बार टीटीपी के आतंकी हमलों का गवाह बन चुका है।

लगातार बढ़ रहे आतंकी हमले

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में बीते कुछ महीनों में आतंकी गतिविधियों में तेज़ी आई है। हाल ही में मार्च महीने में पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उसने टीटीपी से जुड़े 10 संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया था। यह कार्रवाई दक्षिणी वजीरिस्तान में जंडोला चेकपोस्ट के पास एक आत्मघाती हमले के जवाब में की गई थी।

बीते हमले जो सेना के लिए बने चुनौती

  • दिसंबर 2024 में अफगान सीमा के पास एक आत्मघाती हमले में 16 सैनिक मारे गए थे और 8 घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी टीटीपी ने ली थी।

  • जनवरी 2025 में बलूच लिबरेशन आर्मी ने केच में 35 हमले किए, जिनमें 94 सैनिकों की मौत का दावा किया गया।

  • जून 2025 में ग्वादर के सयाबद इलाके में बलोच आर्मी ने हमला कर 16 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था।

पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल

लगातार हो रहे इन हमलों ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय आतंकवादी संगठनों पर लगाम कसने में पाकिस्तानी प्रशासन और सेना की नाकामी को लेकर भी बहस छिड़ गई है।

इस ताज़ा आत्मघाती हमले ने न सिर्फ पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी गहरा दी है। सरकार और सेना को अब इन आतंकी गतिविधियों के खिलाफ और सख्त व ठोस रणनीति अपनानी होगी।

Youthwings