रायपुर में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान की हालत फिसड्डी: बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को आराम से मिल रहा पेट्रोल

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान का असर फिलहाल कमजोर नजर आ रहा है। सोमवार 1 सितंबर से इस नियम को कड़ाई से लागू करने की घोषणा हुई थी, लेकिन असलियत कुछ और ही है। बिना हेलमेट पहने वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं और कर्मचारी बिना किसी रोक-टोक के पेट्रोल भर रहे हैं।

शुरुआत में था उत्साह, लेकिन नियम फिसड्डी साबित हुआ

पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कुछ दिन पहले इस अभियान की शुरुआत की थी और दावा किया था कि हेलमेट जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नियम कड़ाई से लागू किया जाएगा। लेकिन अब यह नियम ठंडे बस्ते में होता दिख रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों ने इस नियम को ठीक से लागू नहीं किया है और आम जनता भी इसे नजरअंदाज कर रही है।

नियम का उद्देश्य और प्रशासन की चेतावनी

इस पहल का मकसद बढ़ते सड़क हादसों को रोकना और लोगों में हेलमेट पहनने की आदत डालना था। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया था कि नियम का उल्लंघन करने पर न केवल वाहन चालकों, बल्कि पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शुरुआत में कुछ पंपों पर इसका असर देखा गया, जहां वाहन चालक हेलमेट पहनकर पेट्रोल भरवाने आए थे और लोग इस कदम को सराह रहे थे।

पहले भी लागू हो चुका है यह नियम

कुछ साल पहले भी ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नियम लागू किया गया था, लेकिन लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। उस समय कई लोग पेट्रोल भरवाने के लिए दूसरे से हेलमेट उधार लेकर आते थे। इस वजह से पंप संचालकों की बिक्री प्रभावित हुई और धीरे-धीरे यह नियम केवल कागजों तक ही सीमित रह गया। हालांकि इस बार स्थिति थोड़ी अलग है, क्योंकि पहल सीधे पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने की है और उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी लिखित में स्वीकार की है।

पूरे जिले में लागू होगा अभियान

पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिल धगट ने बताया कि यह नियम सिर्फ रायपुर शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे रायपुर जिले के पेट्रोल पंपों पर लागू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें, क्योंकि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें बिना हेलमेट के होती हैं। उनका मानना है कि इस सख्त कदम से लोग अधिक सतर्क होंगे और सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित ही कमी आएगी।

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