NIT Chaupati Controversy: फूड कोर्ट वैध था, फिर बुलडोजर क्यों? 6.12 करोड़ की बर्बादी पर कांग्रेस का हमला
NIT Chaupati Controversy: छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद रायपुर लोकसभा विकास उपाध्याय ने रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत साइंस कॉलेज से लगे यूथ हब फूड कोर्ट को तोड़े जाने की कार्रवाई को सत्ता के अहंकार और राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया है। इस मुद्दे पर आज कांग्रेस द्वारा “भाजपा सरकार के मंत्री और विधायक को सद्बुद्धि दे भगवान” कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विकास उपाध्याय ने कहा कि विधानसभा में स्वयं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव द्वारा यह स्वीकार किया जा चुका है कि साइंस कॉलेज स्थित फूड कोर्ट अवैध नहीं था, इसके बावजूद 6 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से बने इस ढांचे को तोड़ दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निर्माण वैध था, तो फिर इसे गिराने का आदेश किसके दबाव में दिया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री अरुण साव और रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने अपनी ताकत और राजनीतिक रसूख दिखाने के लिए जनहित से जुड़े एक वैध निर्माण को बुलडोजर के हवाले कर दिया। यह सीधे-सीधे जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी है, जिसकी भरपाई इन्हीं जनप्रतिनिधियों से की जानी चाहिए।
विकास उपाध्याय ने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक भवन को गिराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सैकड़ों युवाओं का रोजगार छिन गया और कई परिवारों के सपने टूट गए। इस फूड कोर्ट से जुड़े अनेक युवाओं ने कर्ज लेकर या अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर व्यवसाय शुरू किया था, जिसे एक झटके में मलबे में बदल दिया गया।
उन्होंने बताया कि साइंस कॉलेज परिसर के आसपास नित रविशंकर विश्वविद्यालय, संस्कृत कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज सहित कई शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं, जहां हजारों छात्र पढ़ाई करते हैं। इन छात्रों के लिए यह फूड कोर्ट भोजन और नाश्ते की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का एकमात्र केंद्र था। इसे तोड़कर छात्रों को जानबूझकर असुविधा में डाला गया है।
विकास उपाध्याय ने कहा कि वे स्वयं छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं और युवाओं की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके स्थापित रोजगार को खत्म करने का काम कर रही है।
उन्होंने मांग की कि साइंस कॉलेज यूथ हब फूड कोर्ट तोड़ने की घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, प्रभावित दुकानदारों और युवाओं को तत्काल मुआवजा दिया जाए तथा शासन को हुए नुकसान की वसूली मंत्री अरुण साव और विधायक राजेश मूणत से की जाए। साथ ही छात्रों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फूड कोर्ट की पुनर्स्थापना या वैकल्पिक व्यवस्था जल्द की जाए।
विकास उपाध्याय ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं और छात्रों के हितों के साथ इस तरह का खिलवाड़ जारी रहा तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक फूड कोर्ट की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं, व्यवसायियों और सार्वजनिक धन की रक्षा की लड़ाई है।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, प्रकाश जगत, डॉ. अन्नू साहू, अशोक ठाकुर, देवकुमार साहू, प्रशांत ठेंगड़ी, संतोष साहू, श्रीनिवास, योगेश दीक्षित, कुमकुम झा, संदीप तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
