नक्सली हमले ने खड़े किए कई सवाल: गाड़ियों को थाने के पास खड़े नहीं करने से संदेह की शुरुआत, शहीद ASP को दी गई श्रद्धांजलि

कोंटा : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में हुए नक्सली हमले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर अधिकारियों को क्यों और किसने निशाना बनाया? जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह आमतौर पर स्थानीय गतिविधियों से भरा रहता है। पत्थर खनन के लिए जहां गाड़ियाँ हर रोज लाई जाती थीं, वे सोमवार को घटनास्थल पर क्यों नहीं थीं? यही से संदेह की शुरुआत होती है।

क्रेशर ठेकेदार और जेसीबी चालक संदेह के घेरे में:

बताया जा रहा है कि जहां ब्लास्ट हुआ, वहां आम दिनों में लोगों का लगातार आना-जाना रहता है। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आईईडी रविवार रात को ही लगाया गया होगा। घटनास्थल के पास कुछ पैरों के निशान और आईईडी के अवशेष मिले हैं, जो इस आशंका को बल देते हैं। इस वजह से क्रेशर ठेकेदार और जेसीबी चालक संदेह के घेरे में हैं, जिनसे कड़ी पूछताछ की जानी चाहिए।

घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी:

हमले के बाद वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जताया दुख:

हमले को लेकर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के इस कायराना हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए बताया कि मेडिकल टीम उनकी देखभाल में पूरी तरह से जुटी है।

शहीद ASP आकाश राव गिरपुंजे को श्रद्धांजलि:

डिप्टी सीएम शर्मा ने शहीद ASP आकाश राव गिरपुंजे को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक निष्ठावान, साहसी और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे, जिन्होंने बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ बहादुरी से काम किया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश और समाज की सेवा की। उपमुख्यमंत्री ने कहा, “मैं आकाश राव को छत्तीसगढ़वासियों की ओर से नमन करता हूँ और ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उन्हें शांति प्रदान हो तथा उनके परिवार को यह भारी क्षति सहने की शक्ति मिले।”

सरकार का स्पष्ट संदेश: नक्सलियों को मिलेगा माकूल जवाब:

डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि लगातार हो रही सुरक्षाबलों की कार्रवाई से नक्सली बौखलाए हुए हैं। सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस चुनौती का सामना कर रही है। उन्होंने दोहराया कि बस्तर से नक्सलवाद की काली छाया को खत्म करने का संकल्प दृढ़ है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर है।

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