पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर को हाउस अरेस्ट! टीएस सिंहदेव ने सरकार पर साधा निशाना
छत्तीसगढ़ की राजनीति में शनिवार को एक बड़ी घटना हुई, जब राज्य के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ननकी राम कंवर को रायपुर स्थित गहोई भवन में नजरबंद कर दिया गया। इस कार्रवाई पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण और विडंबना’ बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सिंहदेव ने कहा, “यह एक विडंबना ही है कि पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर को हाउस अरेस्ट किया गया है। वे छत्तीसगढ़ के नागरिक के रूप में केंद्रीय गृहमंत्री का स्वागत करते। केंद्रीय गृहमंत्री के छत्तीसगढ़ में रहते हमारे प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री को हाउस अरेस्ट कर लिया जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “उन्हीं के दल के पूर्व गृहमंत्री, इतने सीनियर जनप्रतिनिधि को वर्तमान बीजेपी की ही सरकार नजरबंद करके रखती है, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।”
क्यों हुई थी कार्रवाई?
जानकारी के मुताबिक, ननकी राम कंवर कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरना देने के इरादे से रायपुर पहुंचे थे। हालांकि, इससे पहले कि वे अपने इस इरादे को अंजाम दे पाते, पुलिस और प्रशासन ने उन्हें गहोई भवन में रोक दिया।
गेट पर लगा ताला, कंवर ने की बाहर निकलने की कोशिश
सुबह से ही एसडीएम और पुलिस अधिकारी भवन के बाहर तैनात रहे और मेन गेट पर ताला लगा दिया गया। कंवर के साथ उनके पीएसओ और समर्थक भी अंदर मौजूद थे। समर्थकों द्वारा गेट खोलने की मांग की गई, लेकिन प्रशासन नहीं माना। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंवर ने गेट कूदकर बाहर निकलने की भी कोशिश की। दिनभर गहोई भवन के बाहर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा रहा।
पहले ही लिख चुके थे चेतावनी भरा पत्र
ननकी राम कंवर लंबे समय से कोरबा कलेक्टर पर आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखे थे और चेतावनी दी थी कि यदि कलेक्टर को नहीं हटाया गया तो वे 4 अक्टूबर से धरने पर बैठेंगे।
यह घटना छत्तीसगढ़ की राजनीतिक स्थिति और सरकार की आलोचना करने वाले सीनियर नेताओं के साथ सख्ती के तौर-तरीकों पर सवाल खड़ा करती है। विपक्ष का कहना है कि सरकार आलोचना सहने के बजाय नेताओं को नजरबंद करने की नीति अपना रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक है।
