MP के जय ने Asian Games में रचा इतिहास: सॉफ्ट टेनिस में भारत को दिलाया पहला ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल
भोपाल। मध्य प्रदेश के खेल जगत ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। प्रदेश के देवास जिले से ताल्लुक रखने वाले उभरते हुए सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुष सिंगल्स स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया है। एशियाई खेलों के इतिहास में सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा के अंदर भारत का यह पहला पदक है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही जय मीणा ने न सिर्फ मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया है।
सेमीफाइनल में जापानी खिलाड़ी को दी जबरदस्त टक्कर
पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में जय मीणा का मुकाबला सॉफ्ट टेनिस के गढ़ माने जाने वाले जापान के दिग्गज खिलाड़ी ताकुया कुरोसाका से हुआ। लगभग 45 मिनट तक चले इस कड़े मुकाबले में जापानी खिलाड़ी ने शुरुआती तीन गेम जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, जय मीणा ने हार नहीं मानी और गजब के जुझारूपन का परिचय दिया। भारतीय स्टार ने लगातार दो गेम 4-1 और 6-4 से जीतकर स्कोर 2-3 कर दिया और मुकाबले में रोमांच ला दिया। हालांकि, छठे गेम में कुरोसाका ने अपना संयम बनाए रखा और 4-1 से गेम जीतकर मैच 4-2 (फाइनल स्कोर: 3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4) से अपने नाम कर लिया। भले ही जय फाइनल में पहुंचने से चूक गए, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचते ही उन्होंने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर इतिहास रच दिया था।
क्वार्टर-फाइनल में फिलीपींस के खिलाड़ी को दी थी रोमांचक शिकस्त
सेमीफाइनल से पहले क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में भी जय मीणा ने असाधारण धैर्य का परिचय दिया था। उन्होंने फिलीपींस के दिग्गज खिलाड़ी शेरविन नुगुइट को 4-3 (स्कोर: 0-4, 4-2, 2-4, 5-3, 2-4, 7-5) के अंतर से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज के मुकाबले में जय ने पाकिस्तान के अराइन हुसैन को एकतरफा अंदाज में 4-0 से मात देकर अपने इरादे साफ कर दिए थे। गौरतलब है कि जय मीणा इससे पहले 2025 में एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी पुरुष सिंगल्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच चुके हैं।
क्रिकेटर बनने की थी चाहत, बॉल बॉय से शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर
जय मीणा की यह सफलता उनकी वर्षों की कड़ी तपस्या का परिणाम है। शुरुआत में जय की रुचि क्रिकेट में थी और वे एक क्रिकेटर बनने का सपना देख रहे थे। देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में दाखिला लेने के बाद उनका परिचय सॉफ्ट टेनिस के कोर्ट से हुआ। शुरुआत में वह कोर्ट पर सीनियर खिलाड़ियों को अभ्यास करते देखते थे और धीरे-धीरे बॉल बॉय के रूप में गेंद उठाकर उनकी मदद करने लगे। यहीं से उनके दिल में सॉफ्ट टेनिस के प्रति गहरा लगाव पैदा हुआ।
14 साल की उम्र में पहुंचे जापान, राष्ट्रीय खेलों में चमकाया था नाम
धीरे-धीरे जय ने खुद रैकेट थामा और स्कूल व जिला स्तर से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू किया। उनकी असाधारण प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 14 साल की उम्र में वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए सॉफ्ट टेनिस के गढ़ जापान पहुंच गए थे। इसके बाद साल 2022 में गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों में जय ने पुरुष सिंगल्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश भर में तहलका मचा दिया था। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश की टीम और डबल्स स्पर्धाओं में भी कई पदक दिलाए। अब एशियन गेम्स में देश का पहला पदक जीतकर उन्होंने साबित कर दिया है कि लगन और मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।
