जो सीएम बनना चाहते हैं वही भाग रहे दिल्ली! पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर वार, बोले- ‘अपना बूथ जीत नहीं पाए…’

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। दिल्ली में बीजेपी के दिग्गज नेताओं की लगातार बैठकों के दौर और अंदरूनी मंथन को लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला है। पीसी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ प्रचंड एंटी-इनकंबेंसी का माहौल है और सत्ता पक्ष में पूरी तरह से बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि जो-जो नेता मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, वही इन दिनों दिल्ली में हाजिरी लगा रहे हैं और मुलाकातें कर रहे हैं।

नरोत्तम खुद अपना बूथ नहीं जीत सके- पीसी शर्मा

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बीजेपी के नेतृत्व और रणनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। पार्टी के पास अब न तो कोई ठोस रणनीति बची है और न ही जनता को देने के लिए जवाब। पीसी शर्मा ने आगे कहा कि जो नेता खुद अपना बूथ तक नहीं जीत सके, वे भी दिल्ली में मंथन कर रहे हैं। अब राज्य में बीजेपी का खेल खत्म हो चुका है और अगली बारी सीधे कांग्रेस की है।

भोपाल मास्टर प्लान पर भ्रष्टाचार का आरोप

दिल्ली की सियासत के साथ-साथ पीसी शर्मा ने भोपाल के बहुचर्चित ‘मास्टर प्लान’ को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान भोपाल के मास्टर प्लान को पूरी तरह से कंप्लीट कर लिया गया था लेकिन बीजेपी सरकार ने आते ही उस पर रोक लगा दी। मास्टर प्लान को रोके जाने के पीछे भारी भ्रष्टाचार हुआ है। इसी मनमानी की वजह से आज भोपाल के रहवासी क्षेत्रों में धड़ल्ले से कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सरकार की गलत नीतियों के कारण आज भोपाल का आम रहवासी और छोटा व्यापारी दोनों बुरी तरह पीस रहे हैं। अगर सरकार ने जल्द ही इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकाला, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन और प्रदर्शन करेगी।

कांग्रेस में संगठन फेरबदल पर बोले: ‘दिल्ली-भोपाल स्तर पर हुई मॉनिटरिंग’

प्रदेश कांग्रेस में जिला अध्यक्षों के बदलाव और सांगठनिक फेरबदल की चर्चाओं पर पीसी शर्मा ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए भोपाल से लेकर दिल्ली स्तर पर कड़क मॉनिटरिंग हुई है। दिल्ली में इसको लेकर शीर्ष नेतृत्व का गहन मंथन भी पूरा हो चुका है। वर्तमान जिला अध्यक्षों ने भी काफी अच्छे काम किए हैं, और आने वाले रिजल्ट से यह साफ हो जाएगा कि किसे क्या जिम्मेदारी मिलने जा रही है।

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