Mandsaur RTE Admission Protest: भीषण गर्मी में बच्चों संग कलेक्ट्रेट पहुंचे अभिभावक, RTE एडमिशन नहीं मिलने पर धरना
Mandsaur RTE Admission Protest:मंदसौर में RTE के तहत चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलने पर अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया। भीषण गर्मी में छोटे बच्चों के प्रदर्शन ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए।
RTE एडमिशन को लेकर मंदसौर में प्रदर्शन
Mandsaur RTE Admission Protest मध्य प्रदेश के मंदसौर से शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की एक बेहद मार्मिक तस्वीर सामने आई है। यहां 40 डिग्री से अधिक की भीषण गर्मी में छोटे-छोटे बच्चे अपने माता-पिता के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठने को मजबूर हो गए। मामला शिक्षा के अधिकार यानी RTE के तहत चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलने का है।
परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों का नाम RTE लॉटरी में आया था और मोबाइल पर चयन का मैसेज भी मिला था। लेकिन जब वे स्कूल पहुंचे तो वहां उन्हें एडमिशन देने से मना कर दिया गया।
स्कूलों ने कहा- हम RTE के दायरे में नहीं आते
जानकारी के मुताबिक जिन निजी स्कूलों में बच्चों का चयन हुआ था, उन स्कूलों ने साफ कह दिया कि वे RTE योजना के दायरे में नहीं आते और बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
Mandsaur RTE Admission Protest के चलते अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने वाली है और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बच्चों का पूरा साल खराब हो सकता है।
एक महीने से अधिकारियों के चक्कर काट रहे परिजन
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि वे पिछले एक महीने से जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों के पास लगातार गुहार लगा रहे हैं। लेकिन कहीं से कोई समाधान नहीं मिला। परेशान होकर आखिरकार वे बच्चों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान कई बच्चे तेज धूप से बचने के लिए हाथ में छाता लेकर बैठे नजर आए। भीषण गर्मी के बीच मासूम बच्चों की यह तस्वीर लोगों को भावुक कर रही है।
अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एडीएम, एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया।
हालांकि Mandsaur RTE Admission Protest में शामिल परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक बच्चों के एडमिशन की लिखित गारंटी नहीं मिलेगी, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे।
शिक्षा अधिकारी ने तकनीकी त्रुटि को बताया वजह
जिला शिक्षा अधिकारी टेरेसा मिंज ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि यह समस्या RTE पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुई है। उनके अनुसार कुछ ऐसे स्कूल भी पोर्टल पर दिखने लगे थे जो वास्तव में RTE के दायरे में नहीं आते।
उन्होंने कहा कि विभाग इस तकनीकी त्रुटि को सुधारने में जुटा हुआ है और जल्द ही बच्चों के प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी।
बच्चों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
Mandsaur RTE Admission Protest ने शिक्षा व्यवस्था की कई खामियों को उजागर कर दिया है। अभिभावकों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए बनाई गई योजना में इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है।
अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द समाधान निकालकर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा।
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