साय कैबिनेट के बड़े फैसले: 125 दिन रोजगार, कैबिनेट ने 3 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी

साय कैबिनेट के बड़े फैसले

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित साय कैबिनेट की बैठक में ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और हरित ऊर्जा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी

कैबिनेट ने ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ योजना के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की गारंटी मिलेगी। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास और स्थायी रोजगार सृजन से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में खर्च वहन करेंगे तथा आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 4,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना को हरी झंडी

मंत्रिपरिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना शुरू करने का निर्णय भी लिया है। योजना के तहत हस्तशिल्प, बुनाई, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, कोल्ड स्टोरेज, डिजिटल सेवा केंद्र और विपणन सुविधाओं से जुड़े केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

साय कैबिनेट के बड़े फैसले

बायोगैस नीति को मंजूरी

बैठक में ‘छत्तीसगढ़ कंप्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति 2026’ के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई। इस नीति के जरिए कृषि अवशेष, पशुधन अपशिष्ट, नगरीय ठोस कचरे और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन के रूप में कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अपशिष्ट प्रबंधन बेहतर होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

ग्रामीण विकास और हरित ऊर्जा पर फोकस

सरकार के अनुसार, इन फैसलों से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय उत्पादन और प्रसंस्करण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही डिजिटल तकनीक और आधुनिक प्रणालियों के उपयोग से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी।

read more : फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों का हल्ला बोल: PRSU प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

Youthwings