भारत में अवैध विदेशियों पर बड़ा एक्शन, बांग्लादेश को भेजी 2680 संदिग्ध नागरिकों की लिस्ट
भारत सरकार ने देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून के दायरे में रहते हुए सभी अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस संबंध में भारत ने 2,680 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की जानकारी बांग्लादेश सरकार को भेजी है, ताकि उनकी नागरिकता की पुष्टि की जा सके। सत्यापन पूरा होने के बाद इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वर्षों से लंबित मामलों को जल्द निपटाने की कोशिश
विदेश मंत्रालय के अनुसार कई मामलों का सत्यापन पिछले पांच वर्षों से लंबित है। भारत ने बांग्लादेश से इस प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है ताकि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत अवैध रूप से रह रहे नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की जा सके। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।
चीन सीमा मुद्दे पर बीजिंग में हुई अहम बैठक
विदेश मंत्रालय ने भारत-चीन सीमा वार्ता को लेकर भी जानकारी साझा की। बीजिंग में दोनों देशों के बीच सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय तंत्र (WMCC) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सीमा प्रबंधन और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। भारत ने सीमा से जुड़ी नदियों के मुद्दे पर विशेषज्ञ स्तर की बैठक जल्द बुलाने की मांग रखी है। दोनों देशों ने आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है।
अमेरिका में नस्लवाद की घटनाओं पर भारत का कड़ा रुख
अमेरिका में भारतीय नागरिकों के साथ कथित नस्लीय भेदभाव की घटनाओं पर भारत ने चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी प्रकार का नस्लवाद स्वीकार्य नहीं है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए वार्ता भी जारी है।
यूक्रेन संकट और नेपाल दौरे पर भी चर्चा
विदेश मंत्रालय ने बताया कि यूरोपीय संघ के एक अनौपचारिक मंच पर भारत और यूक्रेन के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात हुई, जिसमें मौजूदा हालातों पर चर्चा की गई। वहीं नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। भारतीय विदेश सचिव को नेपाल की ओर से आमंत्रण मिला है और जल्द ही दौरे की तारीख तय की जाएगी।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत का स्पष्ट संदेश
ऊर्जा जरूरतों को लेकर भारत ने कहा है कि देश अपनी एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। नॉर्वे से गैस आपूर्ति को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वैश्विक बाजारों से ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण कर रहा है और नए साझेदारों के साथ काम करने के लिए तैयार है।
