Kanker IED Blast News: 4 DRG जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ा विस्फोट

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Kanker IED Blast News में बड़ा हादसा, कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर IED ब्लास्ट में 4 DRG जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ विस्फोट।

Kanker IED Blast News के बीच छत्तीसगढ़ के Kanker-Narayanpur बॉर्डर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शनिवार को नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हुए IED ब्लास्ट में DRG (District Reserve Guard) के चार जवान शहीद हो गए। यह घटना उस समय हुई जब जवान सर्चिंग ऑपरेशन पर निकले थे।

 

छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन के दौरान जवानों को एक संदिग्ध IED मिला था, जिसे निष्क्रिय करने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया, जिसने चार बहादुर जवानों की जान ले ली।

 

कैसे हुआ हादसा?

Kanker IED Blast News के तहत यह हादसा 2 मई को हुआ, जब DRG की टीम छोटेबेठिया क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। यह इलाका लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है।

ऑपरेशन के दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांट किया गया IED मिला। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर निष्क्रिय किया जा रहा था। लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक IED में विस्फोट हो गया।

इस विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मौके पर ही तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।

 

शहीद हुए जवानों के नाम

Kanker IED Blast News के अनुसार इस हादसे में जिन जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, उनमें इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले शामिल हैं, जो घटनास्थल पर ही शहीद हो गए।

वहीं घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर Raipur लाया गया। उन्हें देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

 

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नारायणपुर में अंतिम विदाई

Kanker IED Blast News के तहत रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया। यहां उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

तिरंगे में लिपटे शहीदों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। पूरे इलाके में शोक और सम्मान का माहौल था। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथियों को श्रद्धांजलि दी।

 

जनसैलाब ने दी श्रद्धांजलि

Kanker IED Blast News के अनुसार अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। लोगों ने शहीद जवानों को नम आंखों से अंतिम सलाम किया।

इसके बाद शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

 

बस्तर में फिर दिखी नक्सल चुनौती

Kanker IED Blast News ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बस्तर क्षेत्र में नक्सल खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लगातार ऑपरेशन के बावजूद नक्सली नए-नए तरीकों से सुरक्षाबलों को निशाना बना रहे हैं।

IED ब्लास्ट जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि नक्सली अब भी घात लगाकर हमले करने की रणनीति अपना रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

 

सुरक्षाबलों के लिए बड़ा झटका

Kanker IED Blast News के तहत इस घटना को सुरक्षाबलों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। DRG जैसी विशेष इकाई को नक्सल विरोधी ऑपरेशन में काफी अहम माना जाता है।

चार जवानों की शहादत ने पूरे पुलिस और सुरक्षा तंत्र को झकझोर दिया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन जारी रहेंगे और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी।

 

देशभर में शोक और सम्मान

Kanker IED Blast News के बाद पूरे राज्य और देशभर में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर भी लोग शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

इन जवानों की शहादत ने एक बार फिर देश के लिए उनके बलिदान को याद दिलाया है।

 

आगे की रणनीति क्या?

Kanker IED Blast News के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब अपनी रणनीति को और मजबूत करने पर काम कर रही हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन और इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि IED जैसे हमलों से निपटने के लिए नई तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण की जरूरत है।

देश की सुरक्षा में लगे जवान किस तरह हर पल खतरे का सामना करते हैं। कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर हुआ यह हादसा बेहद दुखद है, लेकिन इन जवानों की शहादत देश के लिए प्रेरणा भी है।

चार जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा — यही विश्वास हर भारतीय के मन में है। अब यह जिम्मेदारी सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की है कि वे इस चुनौती का सामना करते हुए क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करें।

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