‘तारीफ करते-करते ये क्या बोल गए मंत्री जी?’ महिला पार्षद से बोले कैलाश विजयवर्गीय- ‘चौड़ाई बढ़ गई’, फिर घिरे विवादों में
इंदौर। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इंदौर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान महिला पार्षद संध्या यादव को लेकर की गई उनकी कथित टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। सार्वजनिक मंच से किसी महिला जनप्रतिनिधि के काम की तारीफ करते-करते उनके शारीरिक आकार को लेकर की गई इस टिप्पणी ने नेताओं की भाषाई मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तारीफ करते-करते अचानक बोले- ‘संध्या जी की चौड़ाई बढ़ गई है’
कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले स्थानीय पार्षद संध्या यादव के काम और सक्रियता की जमकर सराहना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संध्या यादव अपने वार्ड में काफी मेहनत कर रही हैं और जब भी उनका कोई पत्र आता है तो उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय उस पर हस्ताक्षर करने की जानकारी देते हैं।
तारीफ का यह सिलसिला चल ही रहा था कि मंत्री ने मंच पर मौजूद विधायक महेंद्र हार्डिया की ओर देखते हुए कथित तौर पर कह दिया कि महेंद्र जी, आप भी मौजूद हैं, दिखाई नहीं दिए… संध्या जी की चौड़ाई बढ़ गई है। इस टिप्पणी के सामने आते ही कार्यक्रम में मौजूद लोग असहज हो गए और अब इसका वीडियो सामने आने के बाद बहस छिड़ गई है।
मंचीय मर्यादा और महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर सवाल
सार्वजनिक मंचों से महिला नेताओं के योगदान, प्रशासनिक कार्यों और राजनीतिक भूमिका की सराहना करने के बजाय उनके शरीर या व्यक्तित्व को लेकर टिप्पणी किए जाने पर अब सामाजिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जानकारों का कहना है कि जब सरकार में शीर्ष पद पर बैठा कोई जिम्मेदार नेता इस तरह के जुमले उछालता है, तो इससे सार्वजनिक विमर्श का स्तर गिरता है।
कैलाश विजयवर्गीय के वो बयान, जिन पर पहले भी मच चुका है सियासी बवंडर
यह पहला मौका नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय महिलाओं या उनके पहनावे को लेकर दिए गए बयानों के चलते विवादों में घिरे हों। इससे पहले भी उनके कई बयानों पर राजनीतिक घमासान मच चुका है। अप्रैल 2023 में उन्होंने युवतियों के पहनावे पर टिप्पणी करते हुए विवादित बयान दिया था और उनकी तुलना ‘शूर्पणखा’ से कर दी थी, जिस पर विपक्ष और महिला संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
इसके अलावा जून 2025 में भी इंदौर के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पहनावे और युवतियों के साथ सेल्फी को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखने को मिली थी। वहीं अगस्त 2022 में बिहार के सियासी उलटफेर पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने बार-बार बॉयफ्रेंड बदलने का उदाहरण दिया था, जिस पर विवाद बढ़ने के बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी थी कि वे नारी शक्ति का पूरा सम्मान करते हैं।
सफाई और प्रतिक्रिया का इंतजार
इस ताजा प्रकरण के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्षद संध्या यादव इस टिप्पणी पर क्या रुख अपनाती हैं और विवाद बढ़ता देख क्या मंत्री कैलाश विजयवर्गीय या भाजपा संगठन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं।
