झीरम घाटी कांड के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस का बड़ा फैसला, दिल्ली में उठाएगी मामला; न्यायिक लड़ाई जारी रखने का ऐलान
रायपुर: झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगे की रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। शनिवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में पार्टी नेताओं और झीरम पीड़ित परिवारों के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा कि वह इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के साथ-साथ कानूनी लड़ाई भी आगे जारी रखेगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के मुताबिक बैठक में पीड़ित परिवारों की बात सुनी गई और मामले से जुड़े आगे के कदमों पर चर्चा की गई। पार्टी ने इस मुद्दे पर तीन अहम निर्णय लिए हैं।
आलाकमान के सामने रखेगी पूरा मामला
दीपक बैज ने बताया कि कांग्रेस जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेगी। इस दौरान NIA कोर्ट के फैसले और पीड़ित परिवारों की ओर से उठाए जा रहे सवालों को सामने रखा जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि 13 साल पुराने इस मामले में अदालत का फैसला आने के बावजूद पीड़ित परिवारों की ओर से कई सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी इन्हीं मुद्दों को आगे की रणनीति का हिस्सा बनाएगी।
दिल्ली में होगी बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस ने झीरम मामले को दिल्ली में भी उठाने का फैसला किया है। पार्टी के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और झीरम पीड़ित परिवारों के सदस्य शामिल होंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मामले से जुड़े पार्टी के सवालों और पीड़ित परिवारों की मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने की तैयारी है।
न्यायिक लड़ाई जारी रखेगी कांग्रेस
बैठक में कांग्रेस ने मामले में आगे न्यायिक प्रक्रिया जारी रखने का भी फैसला किया है। दीपक बैज ने कहा कि पार्टी वरिष्ठ नेताओं और पीड़ित परिवारों से चर्चा के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि झीरम मामले में कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रखी जाएगी। बता दें कि 16 सितंबर को जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने झीरम घाटी हमले के मामले में 10 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी। NIA के अनुसार मामला 25 मई 2013 के हमले से संबंधित है, जिसमें कांग्रेस नेताओं समेत कई लोगों की जान गई थी।
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भूपेश बघेल ने NIA की जांच पर उठाए सवाल
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने NIA की जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कवासी लखमा से संबंधित जांच के संदर्भ में सवाल किया कि यदि जांच में उनकी भूमिका को लेकर संदेह जताया गया था, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। बघेल ने कहा कि उन्हें NIA की जांच पर ही संदेह है। उन्होंने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली की तुलना ED और CBI को लेकर लगाए जाने वाले अपने राजनीतिक आरोपों से भी की। ये भूपेश बघेल द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। वहीं, अदालत का हालिया फैसला मामले में 10 दोषियों की सजा से संबंधित है।
फैसले के बाद आगे की लड़ाई पर जोर
झीरम कांड के फैसले के बाद कांग्रेस अब इस मामले को तीन स्तरों पर आगे ले जाने की तैयारी में है। पार्टी पहले राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा करेगी, इसके बाद दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मुद्दा उठाएगी और न्यायिक प्रक्रिया में भी आगे बढ़ेगी। अब इस मामले में कांग्रेस की अगली कानूनी कार्रवाई और दिल्ली में प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर रहेगी।
