Jawaharlal Nehru Historic Bungalow: नेहरू का पहला सरकारी आवास 1100 करोड़ में बिका, आजादी और बंटवारे का गवाह रहा ऐतिहासिक बंगला

Jawaharlal Nehru Historic Bungalow

Jawaharlal Nehru Historic Bungalow

Jawaharlal Nehru Historic Bungalow: दिल्ली के लुटियंस जोन का एक ऐतिहासिक बंगला, जिसने भारत की आजादी और बंटवारे दोनों का दौर देखा, अब 1100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत पर बिक चुका है। यह डील भारत की अब तक की सबसे बड़ी रियल एस्टेट डील मानी जा रही है। इस बंगले में कभी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू रहा करते थे।

इतिहास से जुड़ा 17, मोती लाल नेहरू मार्ग

इस बंगले का पता 17, मोती लाल नेहरू मार्ग है, जिसे पहले यॉर्क रोड के नाम से जाना जाता था। 14 अगस्त 1947 की रात नेहरू इसी घर से शपथ लेने के लिए वायसराय हाउस (आज का राष्ट्रपति भवन) पहुंचे थे। आजादी की उस ऐतिहासिक रात को भी यह बंगला खास मेहमानों और साधुओं से भरा था, जो नेहरू को आशीर्वाद देने आए थे।

बिना सुरक्षा वाला प्रधानमंत्री का घर

आज के दौर में जहां नेताओं के घर कड़ी सुरक्षा से घिरे होते हैं, वहीं नेहरू का यह बंगला बिल्कुल अलग था। यहां किसी पर रोक-टोक नहीं थी और लोग स्वतंत्र रूप से आ-जा सकते थे। उस समय इसे नेहरू का ‘मुख्यालय’ कहा जाता था। हालांकि, आजादी के बाद हुए दंगों और शरणार्थियों के दिल्ली आने के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे।

शरणार्थियों का ठिकाना बना बंगला

बंटवारे के बाद लाखों शरणार्थी भारत आए। नेहरू की भतीजी नयनतारा सहगल ने अपनी किताब में लिखा है कि उन्होंने इस बंगले को शरणार्थियों के टेंटों से भरा देखा था। यह नजारा उस कठिन दौर की तस्वीर पेश करता है, जब नेहरू का घर लोगों के लिए आश्रय स्थल बन गया था।

पटेल और नेहरू की नजदीकी

दिलचस्प बात यह है कि गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल नेहरू के ठीक सामने वाले बंगले में रहते थे। यह उनके दोस्त का घर था, जिसे पटेल ने नेहरू के कहने पर लिया था। यह वाकया दोनों नेताओं के बीच की दोस्ती और आपसी समझ को दर्शाता है।

1100 करोड़ की ऐतिहासिक डील

करीब 3.7 एकड़ में फैला यह बंगला दिल्ली की सबसे महंगी प्रॉपर्टी डील का हिस्सा बना है। शुरुआती कीमत 1400 करोड़ रुपये तय थी, लेकिन सौदा 1100 करोड़ रुपये में हुआ। इस हेरिटेज प्रॉपर्टी की मौजूदा मालिक राजकुमारी कक्कड़ और बीना रानी थीं, जो राजस्थानी राजघराने से जुड़ी मानी जाती हैं। इसे एक भारतीय बिजनेसमैन ने खरीदा है, जिनकी पहचान अभी सामने नहीं आई है।

Youthwings