Jaipur Fire Incident: एक विस्फोट और सब खत्म! जयपुर के पटाखा गोदाम में मची चीख-पुकार

Jaipur Fire Incident

Jaipur Fire Incident: कथित अवैध पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट के बाद लगी आग, 8 लोगों की मौत

Jaipur Fire Incident: एक तेज धमाका, फिर आग का विकराल रूप और चारों तरफ चीख-पुकार… जयपुर के रिहायशी इलाके में हुए इस हादसे ने कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। आखिर मकान के अंदर क्या रखा था? प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? जानिए इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी।

Jaipur Fire Incident: पटाखा गोदाम में मची चीख-पुकार, एक झटके में खत्म हो गई कई जिंदगियां

राजस्थान की राजधानी जयपुर के खो-नागोरियन क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुए भीषण विस्फोट और आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित एक पटाखा गोदाम में हुए धमाके के बाद लगी आग में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और चारों ओर चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

पुलिस के अनुसार यह घटना आयशा नगर तलाई कॉलोनी स्थित एक मकान में हुई, जहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री और कथित तौर पर पटाखों का भंडारण किया जा रहा था। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।

आग की लपटों में घिरे मजदूर, सड़क पर गिरते गए लोग

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद मकान से आग की लपटों में घिरे कई मजदूर बाहर भागते दिखाई दिए। कुछ लोग सड़क पर गिर पड़े, जबकि स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने के लिए पानी और मोटे कपड़ों का इस्तेमाल किया। बाद में घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस ने बताया कि मृतकों में समीर, आजिम, नासिर, अब्दुल वहीद, रबिल, बिलाल और अशरफ की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

क्या अवैध रूप से चल रहा था पटाखा गोदाम?

जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मकान गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वहां वास्तव में पटाखे रखे गए थे या कोई अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी।

स्थानीय लोगों का दावा है कि मलबे से पटाखों के एक ब्रांड का लेबल बरामद हुआ है, जिससे संदेह और गहरा गया है कि मकान में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया था।

प्रशासन और पुलिस पर उठे सवाल

हादसे के बाद स्थानीय विधायक अमीन कागजी ने सवाल उठाया कि आखिर रिहायशी इलाके में इतनी खतरनाक गतिविधि कैसे संचालित हो रही थी। उन्होंने कहा कि यदि वहां बारूद और पटाखों का गोदाम चल रहा था तो प्रशासन और पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी।

इस बीच जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot समेत कई नेताओं ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

Jaipur Fire Incident

चार महीने में दूसरी बड़ी घटना

गौरतलब है कि राजस्थान में चार महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी पटाखा फैक्टरी या गोदाम से जुड़ी दुर्घटना है। इससे पहले फरवरी में भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्टरी में आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे सुरक्षा व्यवस्था और अवैध गोदामों पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Visakhapatnam Steel Plant Accident: पिघला लोहा गिरने से 8 मजदूरों की मौत, कई गंभीर

Visakhapatnam Steel Plant Accident: पिघला लोहा गिरने से 8 मजदूरों की मौत, कई गंभीर

Youthwings