SIR और वोट चोरी के आरोपों पर दिल्ली में घमासान: 5 घंटे धरने के बाद राहुल-प्रियंका समेत कई दिग्गज हिरासत में, आकाशवाणी गेट पर हंगामा

नई दिल्ली। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) ने संसद भवन से लेकर सड़क तक जोरदार मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को गठबंधन के 140 से अधिक सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर पैदल मार्च शुरू किया। हालांकि, सुरक्षाबलों द्वारा लगाए गए कड़े पहरे और बैरिकेड्स के चलते इलाके में जबर्दस्त तनातनी देखने को मिली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन समेत विपक्ष के दर्जनों शीर्ष नेताओं को हिरासत में ले लिया।

5 घंटे तक धरने पर अड़े रहे राहुल गांधी, आकाशवाणी गेट पर रोका

संसद मार्ग पर भारी हंगामे के बीच राहुल गांधी करीब 5 घंटे तक सड़क पर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने आकाशवाणी भवन के रास्ते निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया। आयोग के दफ्तर से महज 200 मीटर की दूरी पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी जुट गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और पवन खेड़ा सहित कई नेताओं को डिटेन कर लिया।

‘चुनाव आयुक्त से मिलकर कहेंगे- आपने वोट चोरी की है’

हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के 300 से अधिक सांसद जनता के नुमाइंदे बनकर चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे थे और आयुक्तों को उनसे मिलना ही पड़ेगा। राहुल गांधी ने कहा कि यह देश की आवाज का अपमान है। हम सिर्फ चुनाव आयोग के सामने जाकर यह कहना चाहते हैं कि आपने वोट चोरी की है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को डराया और धमकाया क्यों जा रहा है। राहुल ने साफ किया कि अगर प्रशासन को उनके यहां बैठने से आपत्ति है, तो वे दिल्ली में कोई दूसरी जगह तय कर दें, वे वहीं धरना जारी रखेंगे।

चुनाव आयोग की सफाई: बैठक का कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला

सड़कों पर मचे इस घमासान के बीच निर्वाचन आयोग के सूत्रों की ओर से भी बयान सामने आया है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी या ‘इंडिया’ गठबंधन के किसी भी अन्य घटक दल की तरफ से बैठक को लेकर कोई औपचारिक अनुरोध या पत्र आयोग को प्राप्त नहीं हुआ था। विपक्ष के इस विशाल मार्च और हिरासत के बाद राजधानी का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है।

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