भारत-ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता: सस्ते होंगे वाहन स्कॉच, मेडिकल डिवाइस और जूते-कपड़े
नई दिल्ली: भारत और ब्रिटेन के बीच लंदन में ‘व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते’ (CETA) पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर हुए हैं। इस समझौते से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत से 99% निर्यात पर आयात शुल्क खत्म कर दिया जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा। वहीं, भारत में ब्रिटिश व्हिस्की, कार, फैशन आइटम्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य कई सामान पहले से सस्ते मिल सकेंगे।
क्या होगा सस्ता?
इस समझौते के तहत कई वस्तुओं पर शुल्क घटेगा, जिससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा। खासतौर पर निम्नलिखित उत्पाद अब भारत में कम कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगे:
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इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स
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जूते और कपड़े
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मरीन प्रोडक्ट्स
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स्टील और धातु उत्पाद
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स्कॉच व्हिस्की और जिन
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फैशन और ज्वेलरी आइटम्स
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सॉफ्ट ड्रिंक्स
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मेडिकल डिवाइसेस और एयरोस्पेस पार्ट्स
क्या होगा महंगा?
कुछ उत्पाद ऐसे भी हैं जिनकी कीमतों में वृद्धि संभव है, जिनमें शामिल हैं:
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कार और बाइक
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ऑटोमोबाइल प्रोडक्ट्स
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स्टील (विशेष श्रेणियां)
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कृषि उत्पाद
स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क में बड़ी राहत
सरकार के अनुसार, ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर उत्पाद शुल्क को 150% से घटाकर तुरंत 75% कर दिया गया है। अगले 10 वर्षों में यह शुल्क और घटकर 40% तक आ जाएगा। इससे यूके के शराब उत्पादकों को भारतीय बाज़ार में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा
भारत से ब्रिटेन को भेजे जाने वाले वस्त्र, जूते, आम, अंगूर जैसे कृषि और उपभोक्ता उत्पादों पर भी शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जिससे भारतीय व्यापार को व्यापक लाभ मिलेगा। यह समझौता हजारों नए रोजगार पैदा करेगा और एमएसएमई, किसान, मछुआरे और युवा उद्यमियों को भी नए अवसर देगा।
प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत के लिए “मौके का सुनहरा दौर” बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता युवाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई सेक्टर के लिए बेहद फायदेमंद होगा। इसके अलावा ब्रिटेन के मेडिकल और एयरोस्पेस उपकरण अब भारतीय उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती हो जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर क्रिकेट की भाषा में कहा, “कभी-कभी गेंद चूक जाती है, लेकिन हमारी साझेदारी एक मजबूत स्कोर की ओर बढ़ेगी।” ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने भी कहा कि यह समझौता पूरे ब्रिटेन में हजारों नौकरियों के नए अवसर लाएगा, कंपनियों को नए बाज़ार मिलेंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
