Bulldozer Action on Ravi Kishan? रवि किशन के मकान पर चलेगा बुल्डोजर? नाले पर बने मकान को लेकर सीएम योगी ने मंच से कसा तंज
Bulldozer Action on Ravi Kishan?
गोरखपुर। Bulldozer Action on Ravi Kishan? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर अपने बुल्डोजर एक्शन को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन से जुड़ा है। सीएम योगी ने एक कार्यक्रम के दौरान मंच से खुलासा किया कि रवि किशन ने गोरखपुर के रामगढ़ ताल इलाके में नाले के ऊपर मकान बना लिया है। सीएम ने बिना किसी का नाम लिए चुटकी लेते हुए कहा कि “हमने पहले ही कहा था कि जलनिकासी के रास्ते पर निर्माण नहीं हो, वरना दिक्कत होगी। मशीनें सब पकड़ लेती हैं कि कहां-कहां क्या बना है।”
सीएम योगी की इस टिप्पणी के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अब योगी सरकार अपने ही सांसद रवि किशन पर बुल्डोजर चलवाएगी? या फिर बुल्डोजर की कार्रवाई सिर्फ माफिया और गुंडों के लिए ही है?
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने विकास कार्यों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि “गोरखपुर पहले मच्छर, माफिया और गंदगी के लिए बदनाम था। अब यह शहर विकास की नई मिसाल पेश कर रहा है। ड्रेनेज सिस्टम सुधरे हैं, सड़कें चौड़ी हुई हैं और जनता का सहयोग इसमें सराहनीय रहा है।” उन्होंने कहा कि “विकास में जनता के टैक्स का पैसा लगता है, इसलिए काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।”
सीएम ने आगे कहा कि “गोरखपुरवासियों ने सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्यों में भी अपने घर-दुकानों की चिंता छोड़कर सहयोग किया है। यह एक नई सोच का परिचायक है।”
वहीं, मंच पर मौजूद सांसद रवि किशन ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि “सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर का कायाकल्प हो गया है और पूरे प्रदेश में विकास की बयार बह रही है।” उन्होंने मुख्यमंत्री को “प्रेरणास्त्रोत” बताते हुए कहा कि “उनसे हर जनप्रतिनिधि को कुछ न कुछ सीखना चाहिए।”
हालांकि, मंच से किए गए इस चुटीले हमले के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या योगी सरकार अपने बुल्डोजर एक्शन में कोई रियायत नहीं बरतेगी? क्या रवि किशन के नाले पर बने मकान पर भी बुल्डोजर चलेगा? या यह केवल एक राजनीतिक इशारा था?
फिलहाल इस पूरे मामले में रवि किशन की ओर से कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सीएम योगी की टिप्पणी ने इस मुद्दे को एक नई बहस में जरूर बदल दिया है।
