सूरजपुर जुआ छापेमारी: कुएं में गिरे जुआरी बाबूलाल की मौत पर जांच टीम गठित, अपर कलेक्टर करेंगे नेतृत्व
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में दिवाली के दिन हुई जुआ छापेमारी के दौरान कुएं में गिरकर एक जुआरी की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने जांच टीम का गठन कर दिया है। अपर कलेक्टर के नेतृत्व में यह टीम चार निर्धारित बिंदुओं पर जांच करेगी और एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया था, जिससे थाने पर हमला और हाईवे जाम जैसी घटनाएं हुईं।
जांच के चार बिंदु
जांच टीम निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी:
1. मृतक बाबूलाल राजवाड़े पिता चंद्रकेश्वर राजवाड़े की मृत्यु की घटना कब, कैसे और कहां पर घटित हुई?
2. उपरोक्त घटना के लिए उल्लेखित पुलिस कर्मियों पर परिवारजन एवं ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोप क्या सत्य हैं? उक्त घटना के लिए कौन-कौन दोषी है?
3. ऐसी घटना की पुनरावृत्ति को कैसे रोका जा सकता है?
4. जांच के दौरान घटना के संबंध में पाए गए अन्य सार्थक तथ्य।
पूरा मामला विस्तार से
दरअसल, 19 अक्टूबर 2025 को दिवाली के अवसर पर सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के कुंज नगर में पुलिस को जुआ खेलने की सूचना मिली। जयनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखते ही जुआरी भागने लगे। इसी अफरा-तफरी में 30 वर्षीय बाबूलाल राजवाड़े नामक एक युवक पास के कुएं में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी फैलते ही ग्रामीणों में रोष फैल गया। गुस्साए परिवारजन और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। वे दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने और तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे। रात होते-होते सैकड़ों ग्रामीण जयनगर थाने पर पहुंचे और तोड़फोड़ शुरू कर दी। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई ग्रामीण भी जख्मी हुए।
पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर इलाके को छावनी में बदल दिया। एसपी और कलेक्टर ने घटनास्थल का दौरा किया। जनप्रतिनिधियों और एसडीएम की समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए। प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद जिला कलेक्टर ने अपर कलेक्टर की अगुवाई में विशेष जांच टीम गठित कर दी।
पुलिस का कहना है कि छापेमारी के दौरान कोई बल प्रयोग नहीं किया गया और मौत दुर्घटना से हुई। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही से यह हादसा हुआ। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
