खोया-पनीर बेचने वालों सावधान! खुले में ढुलाई पर 6 महीने जेल, लाखों का जुर्माना; FSSAI की नई गाइडलाइन
नई दिल्ली। दशहरा, करवा चौथ और दिवाली जैसे बड़े त्योहारी सीजन से पहले मिलावटखोरी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर लगाम कसने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) पूरी तरह सख्त हो गया है। प्राधिकरण ने खोया, पनीर, कच्चा मांस और मछली जैसे संवेदनशील खाद्य पदार्थों के परिवहन, भंडारण और पैकेजिंग को लेकर नई एवं कड़ी एडवाइजरी जारी की है। नए आदेशों के तहत खुले में इन खाद्य सामग्रियों को लाने, ले जाने या बेचने वालों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के अंतर्गत 6 महीने तक की जेल और लाखों रुपये का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
सही तापमान बनाए रखना अनिवार्य, बैक्टीरिया पनपने का खतरा
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि खोया, पनीर, कच्चा मांस और मछली जैसे उत्पाद अत्यधिक संवेदनशील होते हैं और जल्दी खराब होने की श्रेणी में आते हैं। यदि इन्हें सही तापमान (कोल्ड चेन) पर न रखा जाए, तो इनमें हानिकारक बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसलिए व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को खरीद से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने तक पूरी सप्लाई चेन के दौरान निर्धारित तापमान नियंत्रित रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा खाद्य पदार्थों को नमी, धूल, कीड़े-मकोड़ों, भौतिक क्षति और क्रॉस-कंटैमिनेशन (अन्य दूषित पदार्थों के संपर्क) से बचाना होगा।
खुले वाहनों में ढुलाई पर पाबंदी, जूट के बोरे पूरी तरह बैन
प्राधिकरण के ताजा निर्देशों के अनुसार, अब खोया और पनीर की ढुलाई केवल साफ, पूरी तरह से कवर्ड (ढके हुए) और हाइजीनिक वाहनों में ही की जा सकेगी। खुले वाहनों में सामान का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही पैकिंग के लिए केवल प्रमाणित ‘फूड ग्रेड पैकेजिंग’ सामग्री का ही उपयोग किया जाएगा। आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली अमानक बोरियों, जूट के बोरों या घटिया प्लास्टिक कवर्स के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी व्यापारियों को अपनी खरीद-बिक्री के पूरे बिल और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज रिकॉर्ड में सुरक्षित रखने होंगे।
रेलवे और हाईवे पर चलेगा विशेष चेकिंग अभियान, मौके पर नष्ट होगा माल
FSSAI ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, क्षेत्रीय कार्यालयों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को निर्देश दिए हैं कि वे त्योहारों के दौरान सघन निरीक्षण अभियान चलाएं। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जांच के दौरान जो भी खाद्य सामग्री तय सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरेगी, उसे तुरंत मौके पर ही जब्त कर नष्ट करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि दूषित सामग्री बाजार और आम जनता तक न पहुंच सके।
