किसानों का राजधानी में जोरदार प्रदर्शन: मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच, 9 सूत्रीय मांगों पर अड़े रहे किसान
रायपुर। राजधानी रायपुर में सोमवार को किसानों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला और जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के आह्वान पर हजारों किसान राजधानी में एकत्र हुए और धान के उचित मूल्य, गन्ने के समर्थन मूल्य तथा हाफ बिजली बिल योजना की पुनः शुरुआत जैसी प्रमुख मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए।
किसानों का उद्देश्य मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत कर अपनी सभी लंबित मांगों को जल्द पूरा कराने का था। हालांकि, मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने स्प्रे शाला के पास रोक दिया। इस बीच, प्रदेश के शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव मौके पर पहुंचे और किसानों से मुलाकात की।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने किसान संगठनों से मिलने का आग्रह किया है और उनकी मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के बजाय किसानों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर सरकार ध्यान दे रही है। मंत्री ने बताया कि सिंचाई के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 2800 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं और कवर्धा के गन्ना किसानों की लंबित राशि का भुगतान प्रस्तावित है।
हालांकि, मंत्री के आश्वासन के बाद भी किसान पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। उनका कहना है कि 9 में से केवल 4 मांगों पर ही बात की गई है, जबकि वे सभी मांगों के शीघ्र समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
किसानों की 9 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
- बिजली: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हाफ बिजली बिल योजना पुनः लागू की जाए और कृषि पंपों को 24 घंटे बिजली दी जाए।
- बकाया भुगतान: पिछली सरकार की चौथी किस्त की राशि दीपावली से पहले किसानों को दी जाए।
- धान खरीद एवं समर्थन मूल्य: एग्रीस्टेक की विसंगतियों को दूर किया जाए, धान की राशि ₹3100 में ₹186 का बढ़ा समर्थन मूल्य जोड़ा जाए, और धान खरीद 1 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए।
- धान खरीद प्रक्रिया: किसानों से 40 किलो 700 ग्राम से अधिक धान न लिया जाए और इस नियम को समितियों में बैनर द्वारा प्रदर्शित किया जाए।
- खाद उपलब्धता: खाद की कालाबाजारी रोकी जाए और सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
- सिंचाई: सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए और नहरों का पानी अंतिम गांव तक पहुंचे।
- दलहन एवं तिलहन: दलहन-तिलहन की खेती पर ₹20,000 का अनुदान दिया जाए तथा रबी सीजन में इनकी खरीद की जाए।
- गन्ना: गन्ना फसल को कृषक उन्नति योजना में शामिल किया जाए, समर्थन मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल किया जाए और लंबित राशि का शीघ्र भुगतान हो।
- जैविक खेती: केंद्र सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार भी जैविक खेती पर किसानों को अनुदान प्रदान करे।
