किसानों के साथ बड़ा खेल? ₹1,350 का खाद ₹2,000 में बेचा, निकला नकली!

नकली खाद

जगदलपुर। बस्तर जिले में कथित तौर पर नकली और घटिया गुणवत्ता वाले खाद की बिक्री को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने के बावजूद उन्हें ऐसा खाद दिया गया, जिसका फसलों पर अपेक्षित असर नहीं हो रहा है। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

₹1,350 की जगह ₹2,000 में बेचा गया खाद

किसानों का आरोप है कि जिस खाद की निर्धारित कीमत करीब 1,350 रुपये है, उसे निजी दुकानों से 2,000 रुपये तक में खरीदना पड़ा। अधिक कीमत चुकाने के बाद भी खाद की गुणवत्ता खराब निकली, जिससे फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि खाद में मिलावट होने की आशंका है और इससे बड़ी संख्या में किसान नुकसान झेल रहे हैं।

नकली खाद

प्रदर्शन को कांग्रेस का भी मिला समर्थन

नकली खाद के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान किसानों को कांग्रेस का समर्थन भी मिला। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार कंपनी, वितरक और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसानों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी न हो।

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कृषि विभाग ने जांच शुरू की

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित खाद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। साथ ही संबंधित दुकान पर 21 दिनों के लिए उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। विभाग प्रभावित किसानों की सूची भी तैयार कर रहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में खाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित कंपनी और वितरक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, किसानों को मुआवजा देने या अन्य राहत संबंधी निर्णय भी जांच रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

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