North Korea Death Penalty: उत्तर कोरिया में K-Drama देखने वालों को मौत की सजा, भागे हुए नागरिकों ने सुनाई दास्तान

North Korea Death Penalty

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North Korea Death Penalty: संयुक्त राष्ट्र की एक नई मानवाधिकार रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया में विदेशी कंटेंट—खासतौर पर साउथ कोरियन ड्रामा (K-Drama) शेयर करने या देखने पर मौत की सजा दी जा रही है। यह कदम देश में व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर बढ़ती पाबंदियों का हिस्सा है।

विदेशी कंटेंट पर कड़ी निगरानी

रॉयटर्स की खबर के अनुसार, 14 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया कि 2014 के बाद से उत्तर कोरिया में निगरानी और भी सख्त हो गई है। नई तकनीकों के इस्तेमाल से लोगों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और विदेशी टीवी शो या फिल्में देखने जैसे अपराधों पर सजा पहले से कहीं अधिक कठोर हो गई है। कई मामलों में ऐसे आरोपियों को सीधे फांसी दी गई है।

300 गवाहों की गवाही

यह रिपोर्ट 300 से ज्यादा गवाहों और पीड़ितों के बयान पर आधारित है, जो देश से भागकर बाहर निकले और अब आजाद जिंदगी जी रहे हैं। गवाहों ने बताया कि किस तरह उत्तर कोरियाई शासन ने नागरिकों की आजादी पूरी तरह कुचल दी है, जिससे यह देश दुनिया के सबसे प्रतिबंधित देशों में गिना जा रहा है।

कोविड के बाद बढ़ी फांसी की सजा

उत्तर कोरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रमुख जेम्स हीनन ने जिनेवा में बताया कि COVID-19 के बाद सामान्य और राजनीतिक अपराधों में मौत की सजा के मामले तेजी से बढ़े हैं। उनका कहना है कि नए कानूनों के तहत पहले ही कई लोगों को दक्षिण कोरियाई लोकप्रिय टीवी शो को साझा करने के लिए मौत की सजा दी जा चुकी है।

2015 के बाद और सख्त कानून

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2015 के बाद से लागू नए कानूनों ने नागरिकों पर निगरानी और नियंत्रण को और अधिक कठोर बना दिया है। यह समीक्षा 2014 की उस ऐतिहासिक रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें उत्तर कोरिया पर मानवता के खिलाफ अपराध करने के आरोप लगाए गए थे। नई रिपोर्ट 2014 के बाद के हालात को विस्तार से बताती है।

उत्तर कोरिया में इस तरह की सख्ती ने दुनिया को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वहां इंसानी हक़ और आजादी कितनी मुश्किल में हैं।

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