चिनाब नदी में बाढ़ का खतरा, पाकिस्तान के पंजाब में हाई अलर्ट; सलाल डैम को लेकर बढ़ी चिंता
Pakistan के पंजाब प्रांत में चिनाब नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि India की ओर से Jammu and Kashmir में स्थित सलाल डैम के स्पिलवे गेट खोले गए हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
सलाल डैम से बढ़ी चिंता
चिनाब नदी पर बना Salal Dam भारत की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है। रियासी जिले में स्थित यह डैम करीब 130 मीटर ऊंचा है और इससे लगभग 690 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। यह परियोजना सिंधु जल संधि के तहत विकसित भारत की शुरुआती बड़ी हाइड्रोपावर परियोजनाओं में गिनी जाती है। डैम के पीछे करीब 22 किलोमीटर लंबा जलाशय बनता है, जिसमें बड़ी मात्रा में पानी संग्रहित रहता है।
सिंधु जल समझौते के बाद बढ़ा तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई Indus Waters Treaty के तहत चिनाब, झेलम और सिंधु जैसी पश्चिमी नदियों का जल पाकिस्तान को उपयोग के लिए दिया गया था, जबकि सतलज, ब्यास और रावी नदियों का अधिकार भारत को मिला था। हालांकि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव और सुरक्षा घटनाओं के बाद इस समझौते को लेकर विवाद बढ़ता रहा है।
पाकिस्तान में क्यों बढ़ी चिंता?
चिनाब नदी भारत से निकलकर पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में प्रवेश करती है। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि यदि भारत की ओर से अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जाता है, तो इसका सीधा असर पंजाब प्रांत के निचले इलाकों पर पड़ सकता है। सियालकोट जिले की डिप्टी कमिश्नर Saba Asghar Ali के अनुसार, पानी का स्तर दो से तीन मीटर तक बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
प्रशासन ने उठाए एहतियाती कदम
संभावित खतरे को देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। पंजाब प्रांत की इमरजेंसी सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सियालकोट के पास मराला बैराज और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा:
जिला इमरजेंसी कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है।
नदी किनारे लोगों की आवाजाही सीमित की गई है।
पशुओं को नदी के निचले क्षेत्रों में ले जाने पर रोक लगाई गई है।
चिनाब नदी की 24 घंटे निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
यह हाई अलर्ट 21 मई से 30 मई तक प्रभावी रहने की बात कही गई है।
