अपने ही नेता के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, दिग्विजय समर्थकों का बड़ा विरोध
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला दहन कर नाराजगी जताई।
क्या मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़क पर आ गई है? दिग्विजय सिंह के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने ऐसा विरोध किया कि पार्टी की गुटबाजी फिर चर्चा में आ गई। आखिर क्या है पूरा मामला, पढ़िए पूरी खबर।
दिग्विजय सिंह से अभद्र व्यवहार के आरोप पर भड़के कार्यकर्ता, हरीश चौधरी के खिलाफ कांग्रेसियों का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के समर्थकों ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह के साथ मंच पर अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, पुतला दहन कर जताया विरोध
दिग्विजय सिंह के समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और हरीश चौधरी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर “हरीश चौधरी हटाओ, कांग्रेस का सम्मान करो” जैसे नारे लिखे हुए थे।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे कांग्रेस की परंपरा और सम्मान के खिलाफ बताया।
दिग्विजय समर्थकों में नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान जिस तरह का व्यवहार दिग्विजय सिंह के साथ किया गया, उससे न केवल उनके समर्थक बल्कि आम कांग्रेस कार्यकर्ता भी आहत हुए हैं। उनका कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान मिलना चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है तो कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस हाईकमान से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी भावनाओं की अनदेखी की गई तो पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ सकता है।
कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि कांग्रेस को एकजुट होकर आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना चाहिए, लेकिन इस तरह की घटनाएं संगठन को कमजोर करने का काम करती हैं।
फिर चर्चा में आई कांग्रेस की गुटबाजी
इस घटना ने एक बार फिर मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और आंतरिक मतभेदों को उजागर कर दिया है। लंबे समय से प्रदेश कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं के समर्थकों के बीच खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। अब दिग्विजय सिंह के समर्थन में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस विवाद को समय रहते नहीं सुलझाया गया तो इसका असर संगठन की एकजुटता पर पड़ सकता है।
