Commonwealth Games 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी का कमाल, ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर मेडल
Commonwealth Games 2026 की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी यादव ने रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया
छत्तीसगढ़ की बेटी ने Commonwealth Games 2026 में रचा इतिहास! राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी यादव ने सिल्वर मेडल जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया। आखिर कैसे तय किया उन्होंने सफलता का यह सफर और क्या बोले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय? जानिए पूरी खबर।
Commonwealth Games 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर, छत्तीसगढ़ का बढ़ाया गौरव
Commonwealth Games 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया है। राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे देश और प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनकी इस सफलता को छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।
ज्ञानेश्वरी यादव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर वैश्विक स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी इस जीत के बाद खेल प्रेमियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों में भी उत्साह का माहौल है।
सीएम विष्णुदेव साय ने दी बधाई
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को उनकी शानदार सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी की इस जीत से प्रदेश के युवाओं, खासकर बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी। यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक मिसाल बनेगी।
राजनांदगांव की बेटी ने बढ़ाया सम्मान
राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव लंबे समय से वेटलिफ्टिंग में लगातार मेहनत कर रही थीं। वर्षों की कठिन ट्रेनिंग और समर्पण का परिणाम अब पूरी दुनिया के सामने है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर सिल्वर मेडल जीतकर यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।
उनकी सफलता से पूरे राजनांदगांव जिले में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमी और स्थानीय लोग इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं।
‘परिश्रम और अनुशासन से मिलती है सफलता’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि प्रतिभा के साथ समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम जुड़ जाए तो विश्व स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर खेल सुविधाएं और हर संभव प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की सरकार की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और देश के लिए पदक जीत सकें। खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग और संसाधन उपलब्ध कराने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि इस दिशा में सरकार के प्रयासों को भी मजबूती देने वाली साबित हुई है।
भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ज्ञानेश्वरी यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह आने वाले वर्षों में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी की सफलता प्रदेश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी और अधिक से अधिक युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे।
Commonwealth Games 2026 में जीता गया यह सिल्वर मेडल केवल एक पदक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की उभरती खेल प्रतिभा और खिलाड़ियों के संघर्ष का सम्मान भी है।
यह भी पढ़ें: ‘अब दिखावा नहीं कर सकती’… Badshah की पत्नी ईशा रिखी के पोस्ट से सोशल मीडिया में हलचल
‘अब दिखावा नहीं कर सकती’… Badshah की पत्नी ईशा रिखी के पोस्ट से सोशल मीडिया में हलचल
