CJP पर फंडिंग का सवाल उठा तो वैष्णवी गौर ने खोला मोर्चा, PM CARES Fund का नाम क्यों लिया?

CJP funding complaint Vaishnavi Gaur

आरटीआई एक्टिविस्ट की शिकायत पर कॉकरेच जनता पार्टी का जवाब, अभिजीत दिपके के परिवार और फंडिंग की जांच की मांग को बताया राजनीतिक

 

 

 

नई दिल्ली। कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी फंडिंग, संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग को लेकर दायर शिकायतों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी निजी व्यक्ति की पढ़ाई और पारिवारिक खर्च पर सवाल उठाने से पहले PM CARES Fund की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, “मोदी जी माफ कर देंगे, चिंता मत करो।”

 

क्या है पूरा मामला?

सूरत निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने 1 अगस्त को भारत निर्वाचन आयोग, सीबीआईसी और महाराष्ट्र सरकार सहित कई सरकारी संस्थाओं को शिकायत भेजी। शिकायत में उन्होंने CJP की फंडिंग, पार्टी के कानूनी दर्जे और संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग की है। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की ओर से घोषित 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर 18 प्रतिशत GST लगाने की मांग भी की गई है।

 

CJP का पलटवार

शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी शिक्षा और पारिवारिक खर्च को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि यदि पारदर्शिता की बात हो रही है तो सभी मामलों पर समान मानक लागू होने चाहिए।

 

राजनीतिक मकसद का आरोप

CJP ने अमित तिवारी की शिकायतों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि उसकी फंडिंग और कानूनी स्थिति को लेकर उठाए जा रहे सवाल तथ्यों से ज्यादा राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा हैं।

 

अभी तक नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया

फिलहाल चुनाव आयोग, सीबीआईसी, महाराष्ट्र सरकार या अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से शिकायतों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित एजेंसियां इन शिकायतों पर आगे क्या कार्रवाई करती हैं।

 

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