दिल्ली के बाद अब यूपी की बारी? NEET पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी का बड़ा दांव, 1.5 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन
‘छात्रों की गूंज’ अभियान का तीसरा चरण, कोटा और देहरादून के बाद अब संगम नगरी में उठेगी युवाओं की आवाज
प्रयागराज। NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस अब अपने आंदोलन को नया राजनीतिक आयाम देने जा रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी कॉलेज मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में देशभर के युवाओं से सीधा संवाद करेंगे । इस कार्यक्रम को कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी छात्र अभियान का तीसरा और अहम पड़ाव माना जा रहा है।
प्रयागराज क्यों चुना गया?
कांग्रेस के अनुसार, प्रयागराज में होने वाले इस संवाद में प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी समेत आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे । पार्टी का मानना है कि प्रयागराज ऐतिहासिक रूप से छात्र राजनीति का केंद्र रहा है और यहां से युवाओं की आवाज को मजबूती मिलेगी । कार्यक्रम में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी और उनके सुझाव भी लिए जाएंगे।
क्या होगा ‘छात्रों की गूंज’ में?
पार्टी प्रवक्ता हसीब अहमद ने बताया कि प्रयागराज के छात्र संवाद में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत, छात्रवृत्ति, विश्वविद्यालयों का माहौल और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा । अब तक डेढ़ लाख से अधिक युवाओं ने इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है ।
अभियान की रूपरेखा
‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से हुई थी, जबकि दूसरा चरण 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया गया । अब तीसरा चरण प्रयागराज में होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं ।
2027 के चुनाव पर नजर
कांग्रेस का मानना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है । यह अभियान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिसके तहत पार्टी युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों तक पहुंच बनाना चाहती है ।
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