Chhattisgarh Morning News: हरेली की रौनक और बस्तर दशहरा का आगाज, CM साय के कार्यक्रम भी रहेंगे खास
Chhattisgarh Morning News: हरेली पर्व की धूम के साथ आज से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा महापर्व, वहीं CM साय रायपुर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे
Chhattisgarh Morning News: आज छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि परंपरा और संस्कृति के कई रंग देखने को मिलेंगे। एक तरफ पूरे प्रदेश में हरेली की रौनक रहेगी, तो दूसरी तरफ बस्तर में 75 दिवसीय दशहरा महापर्व का शुभारंभ होगा। CM साय के कार्यक्रमों से लेकर आज होने वाले खास आयोजनों तक, जानिए छत्तीसगढ़ की सुबह की हर बड़ी खबर एक ही जगह।
Chhattisgarh Morning News: हरेली की धूम से बस्तर दशहरा तक, आज प्रदेश में कई बड़े आयोजन
छत्तीसगढ़ में आज का दिन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आयोजनों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। पूरे प्रदेश में पारंपरिक पर्व हरेली हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। वहीं, हरेली अमावस्या के साथ ही बस्तर की विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा महापर्व की शुरुआत भी होगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
आज पूरे छत्तीसगढ़ में हरेली की धूम
छत्तीसगढ़ का पारंपरिक कृषि पर्व हरेली आज पूरे प्रदेश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। गांवों से लेकर शहरों तक हरेली को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। इस दिन किसान अपने कृषि उपकरणों और खेती में उपयोग होने वाले साधनों की पूजा करेंगे और अच्छी फसल की कामना करेंगे।
हरेली पर्व छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मौके पर घरों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं ग्रामीण इलाकों में गेंड़ी, फुगड़ी और पारंपरिक खेलों की धूम देखने को मिलेगी।
कई स्थानों पर हरेली के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। हरेली के साथ ही छत्तीसगढ़ में त्योहारों के मौसम की शुभ शुरुआत मानी जाती है।
आज से शुरू होगा 75 दिवसीय बस्तर दशहरा महापर्व
हरेली अमावस्या के अवसर पर आज से विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा महापर्व की शुरुआत होगी। यह करीब 75 दिनों तक चलने वाला अनूठा पर्व है, जिसकी परंपराएं सदियों पुरानी हैं।
पर्व का शुभारंभ पाट जात्रा पूजा विधान से होगा। मां दंतेश्वरी मंदिर के प्रांगण में पारंपरिक विधि-विधान के साथ पहली पूजा संपन्न की जाएगी। इसके साथ ही बस्तर दशहरा की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
रथ निर्माण के लिए निभाई जाएगी खास रस्म
बस्तर दशहरा की सबसे खास परंपराओं में रथ निर्माण भी शामिल है। आज की पूजा के दौरान सेवादार रथ निर्माण के लिए जरूरी औजार तैयार करने की पारंपरिक रस्म निभाएंगे।
आने वाले दिनों में बस्तर दशहरा के विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होंगे। 13 से 18 अक्टूबर तक नवरात्रि पूजा और रथ परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा।
इसके बाद 23 अक्टूबर को ऐतिहासिक मुरिया दरबार आयोजित होगा। वहीं 27 अक्टूबर को मावली माता की डोली विदाई के साथ बस्तर दशहरा महापर्व का औपचारिक समापन होगा।
CM साय आज रायपुर में कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज रायपुर में व्यस्त कार्यक्रम रहेगा। मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक नए मुख्यमंत्री निवास में आयोजित ‘हरेली विहार’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:25 बजे सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।
शाम को मुख्यमंत्री फिर एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे शाम 6:45 बजे मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर 7 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंचेंगे।
यहां शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक आयोजित ‘आजादी की धुन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
आज छत्तीसगढ़ में दिखेगा परंपरा और संस्कृति का संगम
हरेली पर्व, बस्तर दशहरा की शुरुआत और मुख्यमंत्री के विभिन्न कार्यक्रमों के चलते आज छत्तीसगढ़ में दिनभर कई गतिविधियां देखने को मिलेंगी। एक ओर किसान कृषि उपकरणों की पूजा कर अच्छी फसल की कामना करेंगे, तो दूसरी ओर बस्तर में सदियों पुरानी परंपरा के साथ दुनिया के सबसे लंबे चलने वाले दशहरा आयोजनों में शामिल महापर्व का आगाज होगा।
हरेली से शुरू होने वाला यह त्योहारों का सिलसिला आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामुदायिक उत्सवों को और जीवंत करेगा।
