छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहा Malaria! एक और महिला की मौत से मचा हड़कंप, अब तक कई जिंदगियां गईं

Chhattisgarh Malaria Outbreak

कांकेर में 25 वर्षीय महिला की Malaria से मौत के बाद बढ़ी चिंता, 8 गांवों में 70 से 80 लोग संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग ने तेज किया जांच

छत्तीसगढ़ में Malaria का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। आश्रम के दो बच्चों की मौत के बाद अब एक 25 वर्षीय महिला ने भी दम तोड़ दिया। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं Malaria के मामले, किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा है और कैसे करें बचाव? जानिए पूरी रिपोर्ट।

छत्तीसगढ़ में Malaria का बढ़ता कहर, एक और मौत से बढ़ी चिंता

Malaria Outbreak Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में बरसात के साथ मलेरिया का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र से एक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 25 वर्षीय महिला की मलेरिया से मौत हो गई। हाल के दिनों में आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले दो बच्चों की मौत के बाद यह तीसरी बड़ी मौत बताई जा रही है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है और विभाग अब अलर्ट मोड पर आ गया है।

Malaria पॉजिटिव आने के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान राकेश्वरी कोला (25 वर्ष), निवासी ग्राम चिचगांव के रूप में हुई है। वह कुछ दिन पहले अपने मायके अड़जाल (मानपुर क्षेत्र) गई हुई थीं। वहीं उनकी तबीयत खराब होने लगी। सोमवार को गांव की मितानिन ने घर पहुंचकर मलेरिया की जांच की, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

बताया जा रहा है कि सोमवार रात अचानक उनकी हालत गंभीर हो गई। समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण मंगलवार को उनकी मौत हो गई। महिला अपने पीछे पांच साल की एक बेटी और मात्र तीन महीने के जुड़वा बच्चों को छोड़ गई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

8 गांवों में 70 से 80 लोग मलेरिया की चपेट में

भानुप्रतापपुर और आसपास के इलाकों में मलेरिया का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बोड़ला ब्लॉक के आठ गांवों में लगभग 70 से 80 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। सभी मरीजों का इलाज झलमला स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है।

इससे पहले आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले दो बच्चों की भी मलेरिया से मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों के बीच ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं और मलेरिया नियंत्रण अभियान पर सवाल उठाने लगे हैं।

Chhattisgarh Malaria Outbreak

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

लगातार मौतों और बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही दवाइयों का वितरण, जागरूकता अभियान और मच्छर नियंत्रण के उपाय भी तेज किए गए हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बुखार, ठंड लगना या शरीर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा इलाज लें।

Malaria से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

बरसात के मौसम में मलेरिया से बचाव के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।

रात में हमेशा कीटनाशक युक्त मच्छरदानी का उपयोग करें।

पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।

मच्छर भगाने वाली क्रीम, कॉइल या वेपराइजर का इस्तेमाल करें।

घर और आसपास पानी जमा न होने दें।

कूलर, गमले और टायरों में जमा पानी नियमित रूप से साफ करें।

तेज बुखार या कंपकंपी होने पर तुरंत मलेरिया की जांच कराएं।

डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का पूरा कोर्स करें।

मलेरिया के प्रमुख लक्षण

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए

तेज बुखार

ठंड लगना और कंपकंपी

अत्यधिक पसीना आना

सिरदर्द और शरीर दर्द

कमजोरी और थकान

मतली या उल्टी

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से मलेरिया का इलाज संभव है, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में बारिश के मौसम में सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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