Chhattisgarh Farmers News: खाद को लेकर सरकार का बड़ा यू-टर्न! अब किसानों को नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर, जानिए क्या बदला?

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Chhattisgarh Farmers News: खरीफ सीजन के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने खाद वितरण की टोकन व्यवस्था खत्म कर दी है

Chhattisgarh Farmers News: खरीफ सीजन के बीच सरकार ने ऐसा फैसला लिया है, जिससे लाखों किसानों को राहत मिलने का दावा किया जा रहा है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि जमीनी हकीकत कुछ और है। आखिर क्या बदला है और किसानों को वास्तव में कितना फायदा मिलेगा? जानिए पूरी खबर।

Chhattisgarh Farmers News : किसानों के लिए बड़ी राहत! सरकार ने बदल दिया बड़ा नियम, अब नहीं होगी खाद को लेकर ये टेंशन

Chhattisgarh Farmers News: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खरीफ सीजन के बीच बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने खाद वितरण को लेकर लागू टोकन व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, इसलिए अब किसानों को खाद लेने के लिए टोकन की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बजाय उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुसार एक ही बार में खाद उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि कई इलाकों में अब भी खाद, बीज और डीजल की कमी बनी हुई है।

अब खाद लेने के लिए नहीं पड़ेगी टोकन की जरूरत

खरीफ सीजन के दौरान खाद की मांग बढ़ने के कारण पहले सरकार ने टोकन व्यवस्था लागू की थी। इसका उद्देश्य यह था कि सभी किसानों तक समान रूप से खाद पहुंच सके और किसी एक किसान को जरूरत से ज्यादा उर्वरक न मिल जाए। बड़े किसानों को तीन और मध्यम किसानों को दो टोकन दिए जाते थे।

अब कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने घोषणा की है कि प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए टोकन व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। अब किसान अपनी जरूरत के अनुसार एक ही बार में खाद प्राप्त कर सकेंगे।

Chhattisgarh Farmers News: सरकार ने बताया कितना है खाद का भंडारण

राज्य सरकार के अनुसार फिलहाल प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण मौजूद है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक-

  • यूरिया का 87 प्रतिशत स्टॉक उपलब्ध है।
  • डीएपी का 36 प्रतिशत भंडारण है।
  • एनपीकेएस का 91 प्रतिशत स्टॉक मौजूद है।
  • एमओपी का 93 प्रतिशत भंडारण उपलब्ध है।
  • एसएसपी का 136 प्रतिशत स्टॉक मौजूद है।

सरकार का कहना है कि पर्याप्त भंडारण होने की वजह से अब किसानों को खाद के लिए बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल

सरकार जहां इस फैसले को किसानों के हित में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इससे संतुष्ट नजर नहीं आ रही। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि केवल टोकन व्यवस्था खत्म कर देने से किसानों की समस्याएं समाप्त नहीं होंगी।

उनका आरोप है कि प्रदेश के कई इलाकों में अभी भी किसानों को खाद, बीज और डीजल की उपलब्धता को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने सरकार से जमीनी स्तर पर व्यवस्था सुधारने की मांग भी की है।

कृषि मंत्री ने दिया जवाब

कांग्रेस के आरोपों पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सरकार लगातार खाद की उपलब्धता पर नजर बनाए हुए है और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि टोकन व्यवस्था खत्म करने का फैसला किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है ताकि उन्हें समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद मिल सके।

क्या किसानों को मिलेगा वास्तविक फायदा?

सरकार का दावा है कि इस फैसले से किसानों को खाद लेने में आसानी होगी और खरीफ की खेती प्रभावित नहीं होगी। वहीं विपक्ष का कहना है कि वास्तविक स्थिति का पता आने वाले दिनों में चलेगा।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि टोकन व्यवस्था खत्म होने के बाद किसानों को बिना किसी परेशानी के समय पर खाद मिल पाती है या नहीं। यदि सरकार का दावा सही साबित होता है, तो यह फैसला खरीफ सीजन में लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत बन सकता है।

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