छतरपुर में एक ही परिवार की 3 बच्चियों की संदिग्ध मौत, दफनाने के बाद पुलिस ने कब्र से निकाले शव, मौत का कारण बना गहरा राज!

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के मातगांव थाना क्षेत्र के पिपुरा गांव में एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना से पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है। परिजनों ने आनन-फानन में बच्चियों के शवों को दफना दिया था, लेकिन जैसे ही प्रशासन को इसकी भनक लगी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई और शवों को कब्र से बाहर निकलवाया।

तीनों बच्चियों की उम्र थी बेहद कम

इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वाली तीनों बच्चियां नाबालिग थीं। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • चाहत: उम्र महज 9 माह
  • मनीषा: उम्र 5 वर्ष
  • पूनम: उम्र 9 वर्ष

रात में खाई थी आलू-बैंगन की सब्जी

परिजनों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बच्चियों ने रात के समय घर में बनी ‘आलू और बैंगन’ की सब्जी खाई थी। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिलाने की कोशिश की, लेकिन हालात इतने बिगड़ गए कि तीनों बच्चियों ने दम तोड़ दिया।

मौत का असली कारण फूड पॉइजनिंग है, कोई जहरीला जंतु है, या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश है, यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है।

प्रशासन का बड़ा एक्शन: कब्र से निकाले गए शव

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्चियों की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शवों को दफना दिया था। जब स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस संदिग्ध मौत की भनक लगी, तो मातगांव थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत पिपुरा गांव पहुंचे।

आगे की जांच

प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में तीनों बच्चियों के शवों को कब्र से बाहर निकलवाया है। अब शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस गांव वालों और परिजनों से सख्ती से पूछताछ कर रही है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

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