CG Rasoiya Protesters Death News: रसोइयों की मौत पर DPI की सफाई, आंदोलन से सीधा संबंध नहीं, 25% मानदेय वृद्धि का दावा

CG Rasoiya Protesters Death News: रायपुर में चल रहे रसोइयों के आंदोलन के दौरान दो महिलाओं की मौत के बाद मामला बेहद संवेदनशील हो गया है। इस पर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि इन मौतों का आंदोलन या धरना स्थल की परिस्थितियों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। विभाग ने स्पष्ट किया कि रसोइयों की मांगों पर शासन पहले से ही विचार कर रहा था और मानदेय में 25 प्रतिशत वृद्धि का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है।

लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार, सचिव स्तर की बातचीत में रसोइयों को ₹500 अतिरिक्त मानदेय देने पर सहमति बनी थी। इस निर्णय के बाद आंदोलनरत रसोइयों से हड़ताल समाप्त कर घर लौटने की अपील भी की गई थी।

बालोद की महिला रसोईया की मौत पर DPI का पक्ष

विभाग ने बताया कि बालोद जिले की निवासी महिला रसोईया केवल 20 और 21 जनवरी को ही धरना स्थल पर मौजूद थी। इसके बाद वह अपने घर लौट गई थी। घर पहुंचने के कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे दल्ली राजहरा के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। विभाग का कहना है कि इस घटना का धरना स्थल से कोई सीधा संबंध नहीं है।

बेमेतरा की रसोईया की मौत पर विभाग का स्पष्टीकरण

बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड की रहने वाली दूसरी महिला रसोईया के बारे में DPI ने बताया कि वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। उसका इलाज भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल में चल रहा था, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। विभाग ने दोहराया कि दोनों ही मामलों में मौत का कारण व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्याएं हैं, न कि आंदोलन।

आंदोलन से मौत के संबंध को नकारा

शासन के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि रसोइयों की मौत का धरना स्थल की व्यवस्थाओं या आंदोलन से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। संचालनालय ने यह भी कहा कि राज्य सरकार रसोइयों के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक स्थिति सुधारने को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बयान

छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार ने रसोइयों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने दोहराया कि 25 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का आश्वासन दिया जा चुका है और भविष्य में इसे चरणबद्ध तरीके से और बढ़ाने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई है। मंत्री ने कहा कि तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही संबंधित रसोइयों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था।

रसोइयों की मांगों पर मंथन जारी

मंत्री यादव ने यह भी कहा कि मौत के सटीक कारणों पर अंतिम टिप्पणी जांच के बाद ही की जा सकती है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन लगातार रसोइयों के हित में कदम उठा रहा है और उनकी अन्य मांगों पर भी विभागीय स्तर पर चर्चा जारी है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि शिक्षा विभाग की सफाई के बाद रसोइयों की यूनियन क्या रुख अपनाती है।

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