CG Milk Price Hike: महंगाई का एक और झटका! छत्तीसगढ़ में देवभोग दूध हुआ महंगा, जानिए अब कितने में मिलेगा
CG Milk Price Hike: देवभोग और गोरस दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी, घरेलू बजट से लेकर छोटे कारोबारियों तक बढ़ेगी चिंता
CG Milk Price Hike: रसोई के बजट पर महंगाई का एक और वार! छत्तीसगढ़ में देवभोग और गोरस दूध के दाम बढ़ गए हैं। आखिर क्यों बढ़ी कीमतें, किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर और क्या आने वाले दिनों में दही-पनीर भी महंगे हो सकते हैं? जानिए पूरी रिपोर्ट
CG Milk Price Hike: देवभोग दूध के दाम बढ़े, घरेलू बजट और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा असर
छत्तीसगढ़ के लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल दूध अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। प्रदेश के लोकप्रिय डेयरी ब्रांड देवभोग और गोरस ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अब हर लीटर दूध के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ेगी। इसका सीधा असर लाखों परिवारों के मासिक बजट के साथ-साथ छोटे कारोबारियों पर भी पड़ने वाला है।
CG Milk Price Hike: देवभोग और गोरस दूध के नए रेट
नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) द्वारा संचालित देवभोग ब्रांड के दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। पहले देवभोग दूध 57 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर 59 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं गोरस दूध की कीमत भी बढ़ाकर 58 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
नई कीमतें एक नजर में
उत्पाद पुरानी कीमत नई कीमत
देवभोग दूध 57 रुपये/लीटर 59 रुपये/लीटर
गोरस दूध 56 रुपये/लीटर (लगभग) 58 रुपये/लीटर
CG Milk Price Hike: लाखों परिवारों पर पड़ेगा असर
दूध हर घर की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। बच्चों के पोषण से लेकर बुजुर्गों की दैनिक जरूरतों तक दूध का उपयोग हर परिवार में होता है। ऐसे में कीमतों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ेगा।
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, भिलाई, अंबिकापुर और अन्य शहरों में बड़ी संख्या में लोग रोजाना देवभोग दूध का उपयोग करते हैं। जो परिवार प्रतिदिन 2 से 3 लीटर दूध खरीदते हैं, उनके मासिक खर्च में अब अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। पहले से बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा सकता है।
आखिर क्यों बढ़ाने पड़े दूध के दाम?
डेयरी क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया था। पिछले कुछ समय में पशु आहार, बिजली, डीजल, परिवहन और पैकेजिंग सामग्री की लागत में काफी वृद्धि हुई है।
डेयरी उद्योग का कहना है कि इन बढ़ती लागतों का असर सीधे उत्पादन पर पड़ रहा है। ऐसे में आर्थिक संतुलन बनाए रखने और डेयरी नेटवर्क को सुचारू रूप से संचालित रखने के लिए कीमतों में बदलाव करना पड़ा।

गर्मी का असर भी बना बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल की भीषण गर्मी ने भी दूध उत्पादन को प्रभावित किया है। अधिक तापमान के कारण पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता कम हो जाती है, जिससे बाजार में दूध की उपलब्धता प्रभावित होती है।
दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में दूध की मांग लगातार बनी हुई है। मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए डेयरी कंपनियों को समय-समय पर कीमतों में संशोधन करना पड़ता है। यही वजह है कि गर्मी के मौसम में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
छोटे कारोबारियों की बढ़ेगी मुश्किल
दूध की कीमत बढ़ने का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहेगा। चाय की दुकानें, मिठाई कारोबारी, होटल, रेस्टोरेंट और बेकरी संचालकों को भी अब अधिक लागत का सामना करना पड़ेगा।
जो कारोबारी प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध का उपयोग करते हैं, उनके लिए यह बढ़ोतरी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दूध आधारित उत्पादों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
क्या दही, पनीर और घी भी होंगे महंगे?
डेयरी क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि उत्पादन लागत में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले महीनों में दही, पनीर, घी, मक्खन और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बदलाव संभव है।
हालांकि अभी इन उत्पादों की कीमतों में किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।
मांग में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं
कीमतें बढ़ने के बावजूद देवभोग प्रदेश के सबसे भरोसेमंद डेयरी ब्रांडों में गिना जाता है। यही वजह है कि विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भी इसकी मांग में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिलेगी।
फिलहाल उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले महीनों में दूध की कीमतें स्थिर रहती हैं या महंगाई का यह दबाव और बढ़ता है।
