रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार में ‘लव जिहाद’ की एंट्री? राखी बांधने से पहले ‘कलावा और शिखा’ देखने की चेतावनी के पीछे क्या है नया विवाद…

भोपाल। भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है, लेकिन इस बार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इसे लेकर एक चौंकाने वाला अभियान शुरू होने जा रहा है। क्या कलाई पर सिर्फ एक धागा बांध देने भर से कोई भाई बन जाता है? इसी सवाल और ‘लव जिहाद’ व धर्मांतरण की आशंकाओं के बीच भोपाल में दर्जन भर हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले ने त्योहार के बीच धर्म की सियासत को भी गर्मा दिया है।

‘राखी बांधने वाले का कलावा और तिलक जरूर देखें’

रक्षाबंधन के नाम पर किसी भी तरह के षड्यंत्र को रोकने के लिए संस्कृति बचाओ मंच, हिंदू उत्सव समिति, सनातन प्रहरी, भगवा जागरण मंच सहित कई साधु-संतों ने एक विशेष बैठक कर प्रदेश भर में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने आगाह करते हुए कहा कि रक्षाबंधन में न हो जाए धोखा। लव जिहाद से बचने के लिए जरूरी है कि गैर सनातनी के हाथ में राखी न बंधे।

संगठनों ने तय किया है कि महिलाएं राखी बांधते समय सामने वाले के हाथ में कलावा, माथे पर तिलक और शिखा जरूर देखें। उनका तर्क है कि हर धर्म में सिर्फ धागा बांधने से रिश्ता नहीं बनता, बल्कि सतर्कता हटने पर जिहादी हरकतें बढ़ती हैं और युवतियों को पूर्व नियोजित साजिश का शिकार बनाया जाता है। इस चेतावनी के पीछे दिल्ली, भोपाल और इंदौर के उन हालिया मामलों का हवाला दिया गया है, जिन्होंने रिश्तों को कलंकित किया है ।

बाजार पर भी असर: ‘अपनों का त्योहार, अपनों से खरीदी’

इस अभियान का असर सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि त्योहारी सीजन की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। हिंदू नेता चंद्रशेखर ने अपील की है कि त्योहार की खरीदी भी सिर्फ सनातनियों से ही की जाए। उनका कहना है कि “अपनों से खरीदी करना इसलिए जरूरी है ताकि सनातनियों के घर का चूल्हा सनातनियों के जरिए ही जले। हम किसी के त्योहार में हस्तक्षेप नहीं करते, तो हमारे त्योहारों में भी षड्यंत्र न हो।”

सियासत हुई ‘सुर्ख लाल’: कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

हिंदू संगठनों के इस ‘सनातन रक्षा अभियान’ ने राजनीतिक घमासान भी तेज कर दिया है:

कांग्रेस का प्रहार – “संगठन सिर्फ प्रासंगिकता तलाश रहे हैं”

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विक्रम चौधरी ने इस अभियान को नफरत की सियासत और देश की संप्रभुता खराब करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मानसिक विकृति सिर्फ किसी एक समुदाय में नहीं, बल्कि पूरे समाज में है। उन्होंने सवाल उठाया कि त्योहार खत्म होते ही ये संगठन कहां गायब हो जाते हैं और गरीब हिंदुओं के लिए इन्होंने क्या विशेष कदम उठाए हैं?

बीजेपी का पलटवार – “सनातन का अपमान करने वाले रक्षा क्या करेंगे?”

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस को ‘तुष्टिकरण का दूसरा नाम’ करार दिया। यादव ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब त्योहारों में देश विरोधी मानसिकता के लोग नापाक षड्यंत्र रचते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सख्ती से काम कर रही है और अपने धर्म व घर की रक्षा करना कोई अपराध नहीं है।

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