बालोद में सीवरेज लाइन खुदाई बनी मौत का गड्ढा, मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत
Balod Sewerage Line Accident: दल्लीराजहरा में पाइपलाइन बिछाने के दौरान बड़ा हादसा, 10 फीट गहराई में दबे मजदूरों को 5 घंटे बाद निकाला गया
खुदाई के दौरान एक चूक और चली गई तीन जिंदगियां… बालोद के इस दर्दनाक हादसे में क्या थी लापरवाही? जानिए पूरी कहानी
Balod Sewerage Line Accident: खुदाई के दौरान मिट्टी धंसी, 3 मजदूरों की मौके पर मौत
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सीवरेज लाइन बिछाने का काम तीन मजदूरों के लिए मौत का कारण बन गया। दल्लीराजहरा क्षेत्र में बीएसपी (BSP) के तहत चल रहे सीवरेज प्रोजेक्ट में खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिसके नीचे दबकर तीन मजदूरों की जान चली गई।
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर भारी भीड़ जुट गई। प्रशासन और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
10 फीट गहराई में दबे मजदूर, नहीं मिल पाया बचने का मौका
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर सीवरेज लाइन के लिए पाइप बिछाने का काम कर रहे थे। अचानक खुदाई के दौरान मिट्टी खिसक गई और देखते ही देखते तीनों मजदूर करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में दब गए।
मलबा इतना भारी था कि मजदूरों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया। मौके पर मौजूद अन्य मजदूर और लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही तीनों पूरी तरह मिट्टी में दब चुके थे।
5 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तीन जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया गया। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों मजदूरों के शव बाहर निकाले जा सके।
इस दौरान घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पूरे इलाके में गमगीन माहौल छा गया।
मृतकों की पहचान, एक महिला मजदूर भी शामिल
इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और एक महिला मजदूर बैशाखिन के रूप में हुई है। तीनों ठेकेदार के अधीन काम कर रहे थे और रोज की तरह काम पर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें यह अंदाजा भी नहीं था कि यह दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा।
ठेकेदार के जरिए हो रहा था काम, सुरक्षा पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि यह पूरा काम ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा था। हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है।
- क्या खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था?
- क्या मजदूरों को उचित सुरक्षा उपकरण दिए गए थे?
- क्या मौके पर इंजीनियरिंग निगरानी मौजूद थी?
इन सभी सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
सांसद भी पहुंचे मौके पर, जांच के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए देर रात सांसद भोजराज नाग भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मजदूरों की सुरक्षा फिर सवालों के घेरे में
यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता खड़ी करता है। अक्सर ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।
जरूरत है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
बालोद का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक की ओर इशारा करता है। तीन परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्यों को खो दिया और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या वाकई जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है या यह मामला भी समय के साथ ठंडा पड़ जाता है।
