Assam Election 2026: भूपेश बघेल का बड़ा दावा, क्या असम में होने वाला है बड़ा उलटफेर?
Assam election 2026 को लेकर बोले भूपेश बघेल—जनता बदलाव के मूड में, भाजपा पर लगाए कई गंभीर आरोप
Assam election 2026: असम दौरे से लौटने के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने Assam election 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब बदलाव चाहती है और राज्य में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह से वहां काम हो रहा है, उससे साफ है कि जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। यही कारण है कि भाजपा के नेता घबराए हुए नजर आ रहे हैं और उनके पास जनता को देने के लिए कोई नया विजन नहीं बचा है।
असम चुनाव में बदलते समीकरण
आने वाले Assam election 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों के बीच मुकाबला कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि जमीनी स्तर पर जनता में असंतोष बढ़ रहा है और यह आगामी चुनाव में परिणामों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगा, जिससे मुकाबला और रोचक हो सकता है।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने खेड़ा के घर पुलिस पहुंचने के मामले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई जारी है, जो निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष शिकायत करता है तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन भाजपा से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई होती है। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताया।
हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा का उपयोग करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी के बावजूद चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
विधेयक और राज्यपाल के फैसले पर टिप्पणी
राज्यपाल द्वारा विधेयक पर हस्ताक्षर किए जाने के मुद्दे पर भूपेश बघेल ने कहा कि पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी कुछ विधेयक राष्ट्रपति के पास से वापस आए थे। उन्होंने कहा कि न्यायालय में चल रहे मामलों को देखते हुए अलग-अलग राज्यों में अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए।
सीएम साय और पीएम मुलाकात पर सवाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात पर भी भूपेश बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने पहले बस्तर के गांवों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के सामने उठाया या नहीं। बघेल ने कहा कि यदि इस तरह के मुद्दे नहीं उठाए गए, तो ऐसी मुलाकातों का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता।

खड़गे के बयान पर भाजपा को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भाजपा द्वारा उठाए गए सवालों पर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रतिक्रिया उसके “मानसिक दिवालियापन” को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह सच है कि केरल देश का सबसे ज्यादा साक्षर राज्य है और सभी राज्यों को शिक्षा के क्षेत्र में उससे सीख लेनी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हजारों स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
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