Cement Price Hike: प्रदेश में सीमेंट 30 रुपए महंगा, कंपनियों पर मनमानी के आरोप
Cement Price Hike
Cement price hike से बढ़ी निर्माण लागत, आने वाले समय में और बढ़ सकते हैं सीमेंट के दाम
प्रदेश में एक बार फिर cement price hike ने आम लोगों, बिल्डरों और ठेकेदारों की परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार से सीमेंट कंपनियों ने अचानक दामों में 30 रुपए प्रति बोरी की बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी खुले बाजार के साथ-साथ सरकारी कार्यों में इस्तेमाल होने वाले नॉन-ट्रेड सीमेंट पर भी लागू की गई है, जिससे निर्माण कार्यों की लागत में सीधा असर देखने को मिल रहा है।
थोक और खुदरा बाजार में बढ़े दाम
ताजा बढ़ोतरी के बाद अब सीमेंट की कीमतों में बड़ा बदलाव आया है। थोक बाजार में सीमेंट के दाम 260 से 340 रुपए प्रति बोरी तक पहुंच गए हैं, जबकि खुदरा बाजार में यही सीमेंट 300 से 350 रुपए तक बिक रहा है। सबसे महंगे नॉन-ट्रेड OPC सीमेंट की कीमत 310 रुपए से बढ़कर 340 रुपए तक पहुंच गई है। कारोबारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी अचानक की गई है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
पहले से थी बढ़ोतरी की तैयारी
कारोबारियों के अनुसार, कंपनियां पिछले कुछ दिनों से कीमतें बढ़ाने के संकेत दे रही थीं, लेकिन इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। बताया जा रहा है कि यह कदम अप्रैल महीने के टार्गेट पूरे करने के लिए उठाया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी यह खबर सामने आई थी कि कंपनियां जल्द ही सीमेंट के दाम बढ़ाने वाली हैं। अब यह आशंका भी जताई जा रही है कि आने वाले समय में कीमतों में 20 से 30 रुपए की और बढ़ोतरी हो सकती है।
हर साल बढ़ती हैं कीमतें Cement Price Hike
प्रदेश में सीमेंट कंपनियों पर मनमानी के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। खास बात यह है कि हर साल मानसून के दौरान, जब निर्माण कार्यों की मांग कम हो जाती है, तब भी कंपनियां कीमतें बढ़ा देती हैं। इस मुद्दे पर पहले भी विरोध हो चुका है। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस तरह की बढ़ोतरी का विरोध किया था। इसके अलावा, पिछले साल राज्य सरकार ने भी इस मामले में नाराजगी जताते हुए सीमेंट कंपनियों के साथ बैठक की थी।
सरकार के निर्देशों का नहीं हो रहा पालन
पिछली बैठक में उद्योग मंत्री की मौजूदगी में यह तय किया गया था कि कंपनियां कीमत बढ़ाने से पहले सरकार को इसकी जानकारी देंगी और कारण भी स्पष्ट करेंगी। हालांकि, मौजूदा स्थिति में कंपनियां इस नियम का पालन करती नजर नहीं आ रही हैं। बैठक के बाद भी कई बार दाम बढ़ाए जा चुके हैं और अब फिर से कीमतों में इजाफा किया गया है, जिससे सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ब्रांड्स के अनुसार कीमतों में बदलाव
Cement Price Hike का असर सभी प्रमुख ब्रांड्स पर देखा गया है। पहले जहां 60 बोरी सीमेंट के दाम 230 से 270 रुपए के बीच थे, अब वे बढ़कर 260 से 300 रुपए तक पहुंच गए हैं।
अल्ट्राटेक: 270 से बढ़कर 300 रुपए
एसीसी: 250 से बढ़कर 280 रुपए
जेके लक्ष्मी: 230 से बढ़कर 260 रुपए
नोवोको: 230 से बढ़कर 260 रुपए
खुदरा बाजार में इन कीमतों पर अतिरिक्त मार्जिन जोड़कर उपभोक्ताओं से ज्यादा कीमत वसूली जा रही है।
निर्माण कार्यों पर पड़ेगा असर
बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष रूपेश सिंघल के अनुसार, इस cement price hike का सीधा असर निर्माण कार्यों पर पड़ेगा। सरकारी परियोजनाओं की लागत बढ़ेगी और ठेकेदारों के लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले से ही अन्य निर्माण सामग्री महंगी हो चुकी है, ऐसे में सीमेंट के दाम बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
दूसरे राज्यों में सस्ता सीमेंट
ठेकेदारों का दावा है कि छत्तीसगढ़ में बनने वाला वही नॉन-ट्रेड सीमेंट, जो अन्य राज्यों में भेजा जाता है, वहां 40 रुपए तक सस्ता मिलता है। इससे स्थानीय कारोबारियों और ठेकेदारों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि प्रदेश में ही ज्यादा कीमत वसूली जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है।
read more : Congress Protest: RTE में धांधली और छत्तीसगढ़ की बदहाल शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
