पुराने वीडियो विवाद में अजय चंद्राकर कोर्ट पहुंचे, सुप्रिया श्रीनेत-नेहा राठौर पर मानहानि का दावा

अजय चंद्राकर

धमतरी: कुरुद विधायक अजय चंद्राकर से जुड़े पुराने वीडियो को 15 अगस्त 2026 का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने का विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। अजय चंद्राकर ने इस मामले में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया से जुड़ी नेहा सिंह राठौर के खिलाफ मानहानि का दावा किया है। मामले में पहले पुलिस स्तर पर शिकायत और FIR भी दर्ज की गई थी।

विवाद उस वीडियो को लेकर है, जिसमें अजय चंद्राकर भाजपा का झंडा फहराते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे स्वतंत्रता दिवस के दिन का वीडियो बताकर साझा किया गया था। हालांकि, उपलब्ध फैक्ट-चेक में वीडियो को मार्च 2026 में कुरुद में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ा बताया गया है।

22-23 मार्च के प्रशिक्षण कार्यक्रम का बताया गया वीडियो

फैक्ट-चेक के मुताबिक वायरल वीडियो 15 अगस्त का नहीं, बल्कि 22-23 मार्च 2026 को कुरुद में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम का है। वीडियो के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आए हैं, जिनमें इसे प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित बताया गया था।

अजय चंद्राकर ने भी 15 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि वायरल किया जा रहा भाजपा झंडे वाला वीडियो मार्च में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग का है। उन्होंने बताया था कि स्वतंत्रता दिवस के दिन उन्होंने धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।

सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

15 अगस्त को सुप्रिया श्रीनेत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो शेयर करते हुए इसे स्वतंत्रता दिवस का बताया था। इसी तरह अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी वीडियो साझा किया गया। इसके बाद भाजपा की ओर से इस पर आपत्ति जताई गई और वीडियो की तारीख को लेकर सवाल उठाए गए।

भाजपा की शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुराने वीडियो को नए संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो के स्रोत और उसे साझा किए जाने से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की बात कही।

पहले दर्ज हो चुकी है FIR

इस मामले में रायपुर के सिविल लाइंस थाने में जीरो FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस के अनुसार शिकायत में सुप्रिया श्रीनेत, नेहा सिंह राठौर और एक सोशल मीडिया अकाउंट का नाम शामिल था। बाद में मामले को जांच के लिए धमतरी भेजे जाने की बात पुलिस ने कही थी।

पुलिस ने बताया था कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और वीडियो तथा सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जाएगी।

अब कोर्ट में मानहानि का दावा

पुलिस शिकायत के बाद अब अजय चंद्राकर ने अदालत का रुख किया है। उनका पक्ष है कि पुराने वीडियो को 15 अगस्त की घटना के रूप में प्रसारित किए जाने से उनकी और भाजपा की छवि प्रभावित हुई। मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही आरोपों पर न्यायिक स्थिति स्पष्ट होगी।

क्या है पूरे विवाद का आधार?

दरअसल, वायरल वीडियो में भाजपा का झंडा फहराते हुए अजय चंद्राकर नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर इसे स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर शेयर किया गया था। वहीं, फैक्ट-चेक में वीडियो की तारीख मार्च 2026 की बताई गई है। अजय चंद्राकर ने भी इसे मार्च के भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम का वीडियो बताया है। इस तरह विवाद का मुख्य मुद्दा वीडियो में दिख रहा कार्यक्रम नहीं, बल्कि वीडियो की तारीख और उसके संदर्भ को लेकर है।

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