Afghanistan Earthquake Update: अफगानिस्तान में भीषण भूकंप, 800 की मौत, 2500 से ज्यादा घायल, कई गांव मलबे में तब्दील
Afghanistan Earthquake Update
काबुल। Afghanistan Earthquake Update: पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में 1 सितंबर 2025 को रात 11:47 बजे 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इस विनाशकारी आपदा में अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 2500 से अधिक लोग घायल हैं। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जालालाबाद से 27 किमी दूर और 10 किमी गहराई पर था। उथली गहराई के कारण झटके बेहद तेज महसूस हुए और कई गांव पूरी तरह तबाह हो गए।
सबसे ज्यादा तबाही कुनार प्रांत में
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान दूरदराज के कुनार प्रांत में हुआ, जहां कई गांव पूरी तरह मिट्टी में समा गए। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन दुर्गम इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। भूकंप के बाद 12 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए, जिनमें से सबसे बड़ा 5.2 तीव्रता का था।
भारत ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की। जयशंकर ने कहा कि भारत इस कठिन समय में अफगान जनता के साथ है और हर संभव मदद प्रदान करेगा।
स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों में अफरा-तफरी
नंगरहार स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता अजमल दर्वाइश ने बताया कि ज्यादातर मौतें घरों के ढहने से हुईं। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जालालाबाद और आसपास के इलाकों में मिट्टी के मकान पूरी तरह टूट गए। पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने से वहां भी झटके महसूस किए गए, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
भूकंप प्रवण क्षेत्र में है अफगानिस्तान
विशेषज्ञों के अनुसार, अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र टेक्टॉनिक प्लेट्स के सक्रिय जोन में आता है। यहां इंडियन प्लेट, यूरोएशियन प्लेट और अरबियन प्लेट की टकराहट से हर साल 100 से ज्यादा भूकंप दर्ज होते हैं। उथले भूकंप ज्यादा विनाशकारी साबित होते हैं। इससे पहले 2023 में आए 6.3 तीव्रता के भूकंप में 1500 से ज्यादा मौतें हुई थीं।
राहत और बचाव कार्य
तालिबान प्रशासन ने राहत टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजा है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी मदद की पेशकश की है। दुर्गम पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
