US-Iran War Tension: ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, भारत ने नागरिकों को तुरंत लौटने की दी सलाह
US-Iran War Tension: पश्चिम एशिया में हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं और अमेरिका व ईरान के बीच जंग की आशंका लगातार गहराती नजर आ रही है। दोनों देशों की ओर से बढ़ती सैन्य तैयारियों और सख्त बयानों ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच ईरान ने कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है।
तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं। वहीं ईरान का साफ कहना है कि अगर उस पर हमला हुआ तो इसकी आग पूरे मिडिल ईस्ट में फैल सकती है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि वे किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप किसी लंबी जंग के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने अपने सुरक्षा सलाहकारों से ऐसे विकल्पों पर विचार करने को कहा है, जिससे ईरान के खिलाफ एक निर्णायक और सीमित कार्रवाई की जा सके। अमेरिका नहीं चाहता कि वह ईरान के साथ महीनों तक चलने वाले सैन्य संघर्ष में फंसे या जमीनी युद्ध में उतरे।
हालांकि अमेरिकी सलाहकारों को इस बात की चिंता है कि किसी एक हमले से ईरान कमजोर नहीं पड़ेगा और वह पलटवार कर सकता है। ऐसी स्थिति में इराक, सीरिया और अन्य देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र में अमेरिका के पास सीमित सैन्य संसाधन होने की बात भी सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन छोटे और टारगेटेड हमलों की रणनीति पर काम कर सकता है। इसके बाद अगर ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई होती है, तो अमेरिका पलटवार करेगा। यानी सीधे बड़े हमले के बजाय ईरान को उकसाने के बाद संघर्ष शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
भारत की एडवाइजरी: बढ़ते तनाव के बीच भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे करीब 10 हजार भारतीय नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। भारत सरकार ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया है।
हालात इसलिए भी गंभीर माने जा रहे हैं क्योंकि इजरायल ने भी इस संभावित संघर्ष में शामिल होने के संकेत दिए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो जवाबी कार्रवाई में इजरायल को निशाना बनाया जाएगा। ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें अब पश्चिम एशिया में बनते युद्ध जैसे हालात पर टिकी हैं।
