Politics on Nun Arrest Case: ननों को प्रणाम करते BJP अध्यक्ष की तस्वीर वायरल, कांग्रेस ने साधा निशाना
Politics on Nun Arrest Case
Politics on Nun Arrest Case: धर्मांतरण और मानव तस्करी के मामले में NIA कोर्ट से जमानत मिलने के बाद केरल की दो नन जेल से रिहा हुईं। रिहाई के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखरन द्वारा ननों को प्रणाम करने की तस्वीर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर जारी की। कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए उसे “गिरगिट” करार दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी केरल में ईसाइयों के वोट बैंक की राजनीति कर रही है, जबकि छत्तीसगढ़ में धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का काम कर रही है।

भूपेश बघेल का भाजपा पर वार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केस टिकता भी नहीं और दो दिन में ही बेल मिल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का यही दोगलापन है—केरल में स्वार्थ की राजनीति के चलते ननों के समर्थन में और छत्तीसगढ़ में कार्रवाई को सही ठहराते हुए। बघेल ने कहा,
“बीजेपी को सिर्फ वोट से मतलब है। इन्हें पता ही नहीं कहां विरोध करना है और कहां समर्थन।”
उन्होंने गाय के मुद्दे का उदाहरण देते हुए कहा कि बीजेपी उत्तर-पूर्व और गोवा में चुप रहती है जबकि यहां विरोध करती है। “किरेन रिजिजू खुद कहते हैं कि वो बीफ खाते हैं, इस पर बीजेपी का क्या स्टैंड है?” बघेल ने सवाल उठाया।
कांग्रेस ने ठहराया बीजेपी को अवसरवादी
कांग्रेस ने इस मामले को बीजेपी की अवसरवादी राजनीति बताया। पार्टी का कहना है कि केरल में ननों को निर्दोष बताना और छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विरोधी कार्रवाई का समर्थन करना बीजेपी का चुनावी खेल है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशिल आनंद शुक्ला ने कहा कि “बीजेपी सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए दोगला चरित्र अपनाती है।”
बीजेपी का पलटवार
वहीं, बीजेपी केरल इकाई ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए सवाल किया—
“छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की क्या राय है इस मामले पर? क्या वहां उन्होंने आवाज उठाई? यही कांग्रेस थी जिसने धर्म परिवर्तन प्रतिबंध कानून लागू किया था, फिर आज विरोध क्यों?
बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों पर दोहरी नीति अपनाती है और छत्तीसगढ़ में हो रही कार्रवाई को बड़ी साजिश बताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

राजनीति हुई तेज
दोनों ननों की रिहाई के बाद मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। जहां कांग्रेस बीजेपी को गिरगिट और अवसरवादी बता रही है, वहीं बीजेपी कांग्रेस को ढोंगी और दोहरी नीति अपनाने वाली पार्टी कह रही है। अब देखना होगा कि यह विवाद आने वाले चुनावी माहौल पर कितना असर डालता है।
