UPI यूजर्स के लिए नए नियम लागू: अब बैलेंस चेक, ऑटो-पेमेंट और ट्रांजेक्शन फेलियर पर बदल गए नियम

नई दिल्ली– डिजिटल पेमेंट का चेहरा बदलने वाला UPI अब हर व्यक्ति की ज़रूरत बन गया है। लेकिन अब इसके इस्तेमाल के तरीके में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव सीधे तौर पर आपकी आदतों और ट्रांजेक्शन प्रक्रिया को प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं UPI से जुड़ी नई गाइडलाइंस क्या कहती हैं:

अब लिमिट में रहेगा बैलेंस चेक

अगर आप बार-बार अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं, तो अब दिन में केवल 50 बार ही बैलेंस चेक कर सकेंगे।
साथ ही, अपने अकाउंट की लिस्ट 25 बार ही देखी जा सकेगी
इस कदम का मकसद सर्वर पर अनावश्यक दबाव को कम करना है।

ऑटो-पेमेंट सिर्फ ऑफ-पीक समय में होगा

अब EMI, SIP और OTT जैसे नियमित भुगतान वाले ऑटो-पे ट्रांजेक्शन केवल गैर-व्यस्त समय में प्रोसेस होंगे:

  • सुबह 10 बजे से पहले

  • दोपहर 1 बजे से 5 बजे तक

  • रात 9:30 बजे के बाद

इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मुख्य समय में सिस्टम फ्री रहे और कोई ट्रांजेक्शन फेल न हो।

फेल ट्रांजेक्शन पर सिर्फ 3 चांस

अब यदि कोई UPI पेमेंट फेल होता है, तो उसका स्टेटस चेक करने के लिए आपको सिर्फ 3 मौके मिलेंगे।
हर बार के प्रयास के बीच 90 सेकंड का गैप जरूरी होगा।
इससे नेटवर्क और सर्वर पर दबाव को कम किया जा सकेगा।

पैसे भेजने से पहले दिखेगा नाम

अब से हर बार जब आप किसी को पैसा भेजेंगे, तो रिसीवर का नाम स्क्रीन पर दिखेगा
इस बदलाव से ग़लत व्यक्ति को पैसा भेजने की आशंका काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह धोखाधड़ी से बचाव के लिए एक बड़ा कदम है।

UPI पर नहीं लगेगा कोई टैक्स

इस बात की पुष्टि की गई है कि UPI ट्रांजेक्शन पर किसी तरह का GST नहीं लगेगा, चाहे राशि ₹2,000 से अधिक ही क्यों न हो।
व्यापारियों के लिए अलग चार्ज हो सकता है, लेकिन आम यूजर्स को ट्रांजेक्शन के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

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