आपकी वेबसाइट भी हो सकती है हैक? PHP में मिलीं गंभीर खामियां, जानें कितना बड़ा है खतरा
नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाली देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी ‘इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम’ (CERT-In) ने लोकप्रिय प्रोग्रामिंग भाषा PHP में दो बेहद गंभीर सुरक्षा खामियों को लेकर उच्च स्तरीय अलर्ट जारी किया है। इन तकनीकी कमियों का फायदा उठाकर साइबर हमलावर बिना किसी ऑथेंटिकेशन या लॉगिन के दूर बैठे ही सर्वर पर मनमाना खतरनाक कोड चला सकते हैं। इससे वेबसाइटों का पूरा नियंत्रण हैकर्स के हाथों में जाने, संवेदनशील डेटा चोरी होने और ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह ठप होने का बड़ा जोखिम पैदा हो गया है।
कॉन्फ़िगरेशन और वर्जन पर निर्भर करेगा हमले का दायरा
साइबर सुरक्षा एजेंसी के विशेषज्ञों के अनुसार, हमले की गंभीरता और वास्तविक खतरा इस बात पर तय होगा कि संबंधित सर्वर पर PHP का कौन-सा संस्करण और किस तरह का सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन सक्रिय है। यदि सर्वर में सुरक्षा पैच अपडेट नहीं हैं, तो साइबर अपराधी सिस्टम में अनधिकृत घुसपैठ कर प्रशासनिक अधिकार हासिल कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में एजेंसी ने ई-मुद्रा के डिजिटल सर्टिफिकेट में पाई गई सुरक्षा खामी सहित कई अन्य प्रचलित सॉफ्टवेयरों को लेकर भी आधिकारिक चेतावनियां जारी की हैं।
टेक कंपनियों के सॉफ्टवेयर पर भी कड़ी नजर
CERT-In देश के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न सॉफ्टवेयर प्रणालियों में आने वाली तकनीकी कमियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। एजेंसी की ताजा एडवाइजरी सूची में PHP के अतिरिक्त ओरेकल, एसएपी (SAP) और माइक्रोसॉफ्ट के उत्पादों में सामने आई कमजोरियों से जुड़ी चेतावनियां भी शामिल हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
बैंकों, ई-कॉमर्स कंपनियों और संस्थाओं के लिए जरूरी दिशानिर्देश
संभावित साइबर हमलों से बचाव के लिए CERT-In ने सभी सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों, बैंकों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों और वेब होस्टिंग सेवा प्रदाताओं को तत्काल प्रभाव से अपने सर्वर पर चल रहे PHP वर्जन की जांच करने और आधिकारिक सुरक्षा अपडेट लागू करने के निर्देश दिए हैं। जो संगठन पुराने वर्जन का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें संबंधित वेंडर से संपर्क कर पैच लगाने को कहा गया है। इसके अलावा सर्वर लॉग की नियमित निगरानी करने, नेटवर्क में संदिग्ध गतिविधियों की जांच करने और सुरक्षित ऑफलाइन बैकअप बनाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं आम इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को भी सतर्कता बरतते हुए अपने पासवर्ड और ओटीपी किसी भी अज्ञात प्लेटफॉर्म या व्यक्ति से साझा न करने की हिदायत दी गई है।
