‘दाऊद वहीं छिपा है जहां लादेन मारा गया था’: UN में पक्षपाती रिपोर्ट पर भारत ने बेन सॉल को लताड़ा
न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद-रोधी रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलतियों और कथित पूर्वाग्रह को लेकर भारत ने UN के स्पेशल रिपोर्टियर बेन सॉल की कड़ी आलोचना की है। बेन सॉल ने अपनी रिपोर्ट में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को ‘भारत केंद्रित डी-कंपनी क्रिमिनल गैंग’ का सरगना बताया था। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने UN महासभा में दो टूक कहा कि दाऊद भारत से बहुत पहले भाग चुका एक वांछित आतंकी है और वह उसी देश में पनाह लिए हुए है, जहां ओसामा बिन लादेन को ढूंढकर ढेर किया गया था।
‘तथ्यों की अनदेखी से संगठन की साख को नुकसान’
भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने यूएन असेंबली में बोलते हुए कहा कि बिना किसी जवाबदेही के भ्रामक रिपोर्ट पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि 2003 में सुरक्षा परिषद ने डी-कंपनी के सरगना को अल-कायदा से संबंधों के आधार पर प्रतिबंधित किया था। अगर इसे अलग संदर्भ में देखा जाए तो यह असलियत को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है। दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई आतंकी हमलों के समय से ही भारत में वांछित है। यूएन की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था में भी इस बात का साफ उल्लेख है। इन बुनियादी तथ्यों की अनदेखी करना विशेष जनादेश प्राप्त अधिकारियों की अक्षमता को दर्शाता है, जिससे संयुक्त राष्ट्र की साख को भारी नुकसान पहुंचता है।”
पुरी ने रिकॉर्ड स्पष्ट करते हुए कहा कि दाऊद 2003 में वैश्विक आतंकी सूची में शामिल किए जाने से बहुत पहले ही भारत से फरार हो चुका था और विदेश में रहते हुए ही उसने अल-कायदा के साथ गठजोड़ किया था।
‘आतंकियों के लिए पनाहगाह नहीं बन सकता मानवाधिकार ढांचा’
भारत ने रिपोर्ट में निष्पक्षता के उच्च मानकों को बनाए रखने की मांग करते हुए कहा कि आज आतंकवाद फैलाने वालों के लिए अपने अपराधों को सही ठहराने के लिए मानवाधिकारों और आतंकवाद-रोधी व्यवस्थाओं का सहारा लेना एक चलन बन गया है। भारतीय प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि मानवाधिकार ढांचा कट्टरपंथ, चरमपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के लिए किसी भी स्थिति में पनाहगाह नहीं हो सकता। आतंकवाद के किसी भी कृत्य को कभी भी न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
कश्मीर पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की उड़ाईं धज्जियां
बैठक के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गई बयानबाजी पर पलटवार करते हुए रघु पुरी ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के इशारे पर संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए भारत और उसके अभिन्न अंगों के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार किया जा रहा है। भारतीय राजनयिक ने दोहराया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं, हमेशा से रहे हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के इस तरह के मनगढ़ंत बयानों को कोई अहमियत देने की आवश्यकता नहीं है।
