नेपाल में बूढ़ी गंडक नदी ने मचाई भारी तबाही: बाढ़ में बहे करीब 100 घर, आधा दर्जन पुल और हाइड्रा प्रोजेक्ट का बेस कैंप नष्ट

काठमांडू। नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार तड़के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडक नदी के अचानक उफान पर आने से भयानक बाढ़ आ गई। नदी की तेज धारा के साथ भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और बड़े पेड़ बहकर आए, जिससे रास्ते में आने वाला सारा बुनियादी ढांचा तबाह हो गया। इस आपदा में रिहायशी मकान, संपर्क पुल और एक निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट का बेस कैंप पूरी तरह बह गए हैं, जिससे इलाके में भारी जान-माल के नुकसान की आशंका है।

तड़के 4 बजे मची तबाही, करीब 100 मकान और कई पुल बहे

गोरखा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार मिश्र ने बताया कि यह भीषण बाढ़ सुबह करीब 4 बजे आई। बाढ़ के कारण दोभान, घट्टेखोला, जगत, सल्लेरी, चुमानुबरी और धार्चे गांव पालिका में सबसे अधिक बर्बादी हुई है। प्रशासनिक आकलन के अनुसार, इन क्षेत्रों में लगभग 100 मकान तेज बहाव में बह गए हैं। इसके अलावा चुमानुबरी से न्याकचेत-सिर्दिबास को जोड़ने वाले अहम पुल सहित करीब आधा दर्जन छोटे-बड़े पुलों को भारी क्षति पहुंची है। सल्लेरी में एक निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना का पूरा बेस कैंप भी बाढ़ में समा गया।

हेलिकॉप्टर से चलाया जा रहा रेस्क्यू, NDRRMA ने जारी किया अलर्ट

नेपाल के गृह मंत्री सूदन गुरुंग के निर्देश पर प्रभावित दुर्गम इलाकों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। फंसे हुए स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर एयरलिफ्ट करने के लिए हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। वहीं, नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने चेतावनी जारी करते हुए आम लोगों से बूढ़ी गंडकी नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की है, क्योंकि जलस्तर लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। प्रशासन अभी नुकसान के वास्तविक आंकड़ों का आकलन करने में जुटा है।

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