‘हार में आयोग दोषी, जीत में सही?’ सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर वार- चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ने के बजाय करे आत्ममंथन
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के बढ़ते विरोध पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी लगातार चुनावी पराजय का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के बजाय गंभीर आत्ममंथन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि जिस चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में सरकार बनाने का जनादेश मिला, उसी संवैधानिक संस्था की साख पर बार-बार सवाल उठाना आखिर कितना उचित है।
‘हार में आयोग दोषी और जीत में सही’ का दोहरा मापदंड
ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस का यह रुख समझ से परे है कि जब वह जीतती है तो व्यवस्था सही होती है, लेकिन हारते ही आयोग पर दोष मढ़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर ही अविश्वास है, तो केरल में कांग्रेस की जीत और हिमाचल प्रदेश में उसकी पूर्ण बहुमत की सरकार किस आधार पर स्वीकार्य है। वहां भी इसी संवैधानिक और पारदर्शी व्यवस्था के तहत चुनाव कराए गए थे। इसके अलावा तमिलनाडु सहित कई अन्य राज्यों में भी कांग्रेस परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन और सत्ता में भागीदारी के फैसले लेती रही है।
यूपी, बिहार और बंगाल से गायब होने की वजह तलाशें
डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि वह तमिलनाडु में दशकों से कमजोर क्यों है, पश्चिम बंगाल से इतने लंबे समय से सत्ता से बाहर क्यों चल रही है और उत्तर प्रदेश व बिहार जैसे बड़े राज्यों में उसका जनाधार क्यों सिमट गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन बुनियादी राजनीतिक सवालों का जवाब चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करने से नहीं, बल्कि पार्टी के आंतरिक संगठन, नेतृत्व की विफलताओं और जनता से कटे होने की समीक्षा करने से मिलेगा। हार के बाद लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जताना लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुकूल नहीं है।
राहुल गांधी संगठन मजबूत करें, देश मोदी जी के साथ
मुख्यमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के प्रदर्शन और कार्यप्रणाली का निष्पक्ष विश्लेषण करना चाहिए। लगातार हार के बाद अराजकता और अविश्वास का माहौल खड़ा करना देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के हित में नहीं है। कांग्रेस को संस्थाओं को कोसने के बजाय कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और जनविश्वास हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए।
डॉ. यादव ने कहा कि एक सामान्य परिवार से निकलकर देश के शीर्ष पद तक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। प्रधानमंत्री की व्यापक लोकप्रियता को इस तरह के अनर्गल आरोपों से कमजोर नहीं किया जा सकता।
