राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’: बोले- ‘परीक्षाओं में उम्मीदवारों की भी होती है कुछ गलती’, छात्रों ने कहा- ‘सिस्टम से हार गए’
इंदौर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार, 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद किया। क्षेत्रीय पार्क के सामने आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला का पांचवां आयोजन बताया गया है।
कार्यक्रम के लिए आयोजकों ने बड़ी संख्या में युवाओं के पंजीयन का दावा किया था। आयोजन स्थल पर करीब 15 हजार छात्रों के बैठने की व्यवस्था की गई थी और प्रवेश पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए रखा गया था।
‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ पर राहुल गांधी की बातचीत
कार्यक्रम का प्रमुख विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रहा। राहुल गांधी ने छात्रों से उनकी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य से जुड़ी चुनौतियों पर बातचीत की।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं का जिक्र किया। ABP Live की रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि आज छात्र जिस ‘सिस्टम’ की बात करते हैं, उस पर चर्चा जरूरी है और उन्होंने छात्रों को अपनी बात रखने का अवसर दिया।
राहुल गांधी ने छात्रों से सवाल पूछने और अपनी समस्याओं को सामने रखने की बात भी कही। कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे संवाद का प्रमुख हिस्सा रहे।
पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं पर चर्चा
कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दे भी उठे। युवाओं की ओर से परीक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़ी चिंताओं पर सवाल रखे गए।
राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम से पहले भी कांग्रेस ने इसे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े छात्रों के अनुभव और समस्याओं को सामने रखने वाला मंच बताया था।
रोजगार और शिक्षा को लेकर युवाओं की बात
कार्यक्रम का फोकस केवल परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और शिक्षा के बाद करियर की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान कांग्रेस की ओर से शिक्षा और रोजगार के बीच संबंध को प्रमुख मुद्दे के तौर पर रखा गया था।
इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ का पांचवां संस्करण
राहुल गांधी का यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला का पांचवां संस्करण था। इससे पहले इस अभियान के तहत कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इंदौर कार्यक्रम के लिए क्षेत्रीय पार्क के सामने स्थित मैदान का इस्तेमाल किया गया। इंदौर विकास प्राधिकरण ने कार्यक्रम के लिए जमीन के अस्थायी उपयोग की अनुमति दी थी।
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कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में संवाद के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी रखी गईं। कार्यक्रम में संगीत और डांस प्रस्तुतियों के जरिए युवाओं की भागीदारी को जोड़ा गया।
कार्यक्रम स्थल पर दोपहर से ही युवाओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। आयोजन के लिए सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किए गए थे।
सुरक्षा को लेकर 31 शर्तों की भी चर्चा
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से कई शर्तें लगाई गई थीं। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पुलिस ने कार्यक्रम के लिए 31 सुरक्षा शर्तें रखी थीं, जिनमें राहुल गांधी की सुरक्षा से जुड़े पुराने सुरक्षा संदर्भों का भी उल्लेख था। कांग्रेस ने इन शर्तों पर आपत्ति जताई, जबकि पुलिस ने इन्हें सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया।
इस तरह इंदौर का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों पर छात्रों के साथ संवाद का मंच बना।
