अरुणाचल में ड्रैगन का ‘माइंड गेम’ फेल: 60km घुसपैठ के दावे निकले फर्जी, रिजिजू ने खोली फेक वीडियो की पोल
नई दिल्ली। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक, चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर न सिर्फ सैन्य उकसावे की कार्रवाई करता है, बल्कि एक खतरनाक ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ भी लड़ रहा है। हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में चीन की 60 किलोमीटर अंदर तक घुसपैठ की उड़ी अफवाहें इसी ‘फेक नैरेटिव’ का हिस्सा हैं।
भारत सरकार ने बुधवार 19 अगस्त को चीन की इस प्रोपेगेंडा चाल को सिरे से खारिज कर दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि चीन ने भारत के किसी भी गांव पर कब्जा नहीं किया है और घुसपैठ के नाम पर फैलाए जा रहे वीडियो पूरी तरह भ्रामक हैं।
फेक वीडियो से सेना का मनोबल गिराने की साजिश
चीन की चालबाजियों का पर्दाफाश करते हुए रिजिजू ने कहा कि देश को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठ फैलाया जा रहा है।
बांग्लादेश के वीडियो का इस्तेमाल: रिजिजू ने बताया कि लोग बांग्लादेश या अन्य जगहों के वीडियो पोस्ट करके यह दावा कर रहे हैं कि चीनी सेना अरुणाचल में 60 किमी अंदर घुस आई है। यह कोरा झूठ है।
देश में भ्रम पैदा करने की कोशिश: सरकार का मानना है कि ऐसी गलत जानकारियों का सीधा मकसद कड़ाके की ठंड में LAC पर तैनात भारतीय सेना और ITBP के जवानों का मनोबल गिराना और देश की जनता में खौफ पैदा करना है।
क्या है विवाद की असली जड़?
केंद्रीय मंत्री ने इस बात से इनकार नहीं किया कि सीमा पर छिटपुट समस्याएं हैं लेकिन इसकी वजह घुसपैठ नहीं, बल्कि सीमा का ‘अनिर्धारित’ होना है।
जमीनी हकीकत: दोनों देशों के बीच सीमा का स्पष्ट निर्धारण न होने के कारण ‘ग्रे एरिया’ में भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय लोगों के दावे: चीन की तरफ बसे तिब्बती और भारत की तरफ बसे स्थानीय लोग अक्सर एक ही जमीन पर अपना-अपना दावा करते हैं। इसी तकनीकी उलझन का फायदा उठाकर चीन कुछ इलाकों पर नजर गड़ाए रखता है, जिसे ‘कब्जा’ मान लेना गलत है।
भारत का कूटनीतिक ‘मास्टरस्ट्रोक’
घुसपैठ की इन अफवाहों के बीच भारत ने ड्रैगन को नक्शे पर भी करारा जवाब दिया है। चीन अक्सर उकसावे के लिए अरुणाचल की जगहों के चीनी नाम जारी करता रहता है। इसका कूटनीतिक तोड़ निकालते हुए भारत सरकार ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को ‘सर्वे ऑफ इंडिया’ के आधिकारिक नक्शे पर मानक नामों से मान्यता दे दी है। यह कदम चीन के खोखले दावों पर एक बड़ा कूटनीतिक तमाचा है।
विदेश मंत्रालय की ड्रैगन को दो-टूक
सरकार ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और ITBP की गश्त को कई गुना बढ़ा दिया है। विदेश मंत्रालय ने भी चीन को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि “अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और कोई भी प्रोपेगेंडा इस सच्चाई को नहीं बदल सकता।” भारत ने साफ कर दिया है कि द्विपक्षीय रिश्ते तभी सामान्य हो सकते हैं, जब LAC पर पूरी तरह शांति और स्थिरता हो।
