MP में खाद की बिक्री पर रोक: 82 लाख किसानों की बढ़ी परेशानी, जानें किस वजह से लिया गया फैसला?

भोपाल। मध्य प्रदेश में कृषि विभाग ने खाद (उर्वरक) की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी रोक लगा दी है। विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर कहा है कि अगले आदेश तक राज्य की सहकारी समितियों और निजी दुकानों पर किसी भी प्रकार के अनुदानित (Subsidized) उर्वरक की बिक्री नहीं की जाएगी। सरकार के इस अचानक फैसले से प्रदेश के करीब 82 लाख पंजीकृत किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

क्यों लिया गया बिक्री रोकने का फैसला?

कृषि विभाग के अनुसार यह निर्णय खाद के स्टॉक और रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने के लिए लिया गया है:

iFMS और गोदामों के स्टॉक का मिलान: पोर्टल  पर दर्ज खाद के आंकड़ों और सोसाइटियों और विक्रेताओं के पास मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जा रहा है।

गड़बड़ी और ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम: कई जगह पोर्टल के आंकड़ों और जमीनी स्टॉक में अंतर की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे दूर करने के लिए यह सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई है।

कहां-कहां प्रभाव पड़ेगा?

सहकारी समितियां: पैक्स और सोसाइटियों के बिक्री केंद्रों पर खाद का वितरण पूरी तरह बंद रहेगा।

मार्कफेड केंद्र: राज्य विपणन संघ के डिपो और आधिकारिक सेंटर्स पर भी बिक्री रोक दी गई है।

निजी खाद दुकानें: प्राइवेट डीलर्स को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी भी किसान को खाद न बेचें।

किसानों की चिंता और आगे क्या?

रबी सीजन की शुरुआती तैयारियों और खेती के कामों के बीच खाद की बिक्री पर अचानक लगी रोक से किसानों में असमंजस की स्थिति है। कृषि विभाग का कहना है कि सत्यापन का काम पूरा होते ही जल्द ही नए दिशा-निर्देशों के साथ बिक्री दोबारा शुरू की जाएगी।

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